प्रतिभा का सम्मान ही राष्ट्र निर्माण की नींव: बामौर कलां में डीआरएस कोचिंग का भव्य प्रतिभा एवं कला सम्मान समारोह सम्पन्न

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अतुल जैन 
22 विद्यार्थियों को लैपटॉप, 2 छात्राओं को स्कूटी प्राप्त होने पर किया सम्मानित, कक्षा 10वीं के टॉपर्स व बुंदेली कलाकारों का भी हुआ अभिनंदन
खनियांधाना। शिक्षा, प्रतिभा और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से डीआरएस कोचिंग, बामौर कलां द्वारा मंगलवार को मांगलिक भवन में "प्रतिभा एवं कला सम्मान समारोह" का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों तथा विद्यार्थियों के अभिभावकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, पुलिस, राजस्व, मीडिया एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थाना प्रभारी संजय लोधी रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शासन की योजना के अंतर्गत 22 विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा 2 छात्राओं को स्कूटी प्राप्त होने पर विशेष सम्मान किया गया। इसके अलावा कक्षा 10वीं के विद्यालय एवं परीक्षा केंद्र के टॉपर विद्यार्थियों को भी सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

समारोह के दौरान बुंदेली लोककला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रसिद्ध कलाकार हरनाम नरवरिया एवं देशराज नरवरिया का भी विशेष सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति और कला को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों का सम्मान समाज को नई दिशा देता है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों का भी सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, मार्गदर्शन और शिक्षकों का सतत प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए प्रतिभाओं के साथ-साथ उनके प्रेरणास्रोत अभिभावकों का सम्मान भी आवश्यक है।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि थाना प्रभारी संजय लोधी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल उसके व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम नहीं होती, बल्कि उसके माता-पिता और शिक्षकों की मेहनत एवं मार्गदर्शन भी उसमें बराबर की भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई में लगातार सहयोग और प्रोत्साहन देते रहें ताकि वे जीवन में नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकें।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता मिलने के बाद रुकना नहीं चाहिए, बल्कि हर बार स्वयं का नया लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी ने 80 या 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तो अगली बार उसका लक्ष्य 100 प्रतिशत होना चाहिए। जब लक्ष्य बड़ा होगा, तभी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य 100 अंक होगा तो विद्यार्थी निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेगा और समाज व देश का नाम रोशन करेगा।

संजय लोधी ने कहा कि शासन द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं स्कूटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा है। इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

समारोह में शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, मीडिया जगत, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था और सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा, प्रतिभा, कला और संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। समारोह का सफल संचालन एवं आयोजन डीआरएस कोचिंग, बामौर कलां द्वारा किया गया। अंत में सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

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