बढ़ती गर्मी का प्रकोप: समाजसेवी पटेल और परमालिया ने हेलमेट और ट्रैफिक सिग्नल नियमों में छूट की उठाई मांग

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इंदौर। देशभर में सूर्यदेव के कड़े तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव व समाजसेवी सत्यनारायण पटेल और समाजसेवी मदन परमालिया ने आम जनता को भीषण तपिश से बचाने के लिए प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है।
ये हैं प्रमुख मांगें: 
हेलमेट और रेड लाइट से मिले जनता को राहत
दोनों समाजसेवियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि 40-45 डिग्री के तापमान में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना शारीरिक रूप से कष्टदायक हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से यह अपील की है कि:-
हेलमेट में अस्थायी छूट: 
केवल गर्मी के मौसम को देखते हुए आम जनता को हेलमेट पहनने से राहत दी जाए, ताकि सिर और चेहरे पर सीधी गर्मी और पसीने से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
ट्रैफिक सिग्नल का समय: 
चौराहों पर लाल बत्ती (Red Light) का समय कम किया जाए या दोपहर के समय सिग्नल से राहत दी जाए।
गुजरात मॉडल का दिया हवाला: उन्होंने तर्क दिया कि गुजरात के कुछ शहरों में गर्मी के चलते दोपहर में ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने या उनका समय घटाने की पहल की गई है, जिससे लोगों को तपती सड़क पर खड़ा न होना पड़े, उन्होंने कहा "हमारा उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करना नहीं, बल्कि इस 'चिल्लाती गर्मी' में नागरिकों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाना है। प्रशासन को मानवीय आधार पर यह कदम उठाना चाहिए।"
बढ़ते पारे को देखते हुए अलग-अलग राज्य सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर जनता को राहत पहुँचाने में जुटे हैं:
ओडिशा
दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक सार्वजनिक परिवहन की बसों के संचालन पर रोक।
गुजरात
अहमदाबाद जैसे शहरों में दोपहर के वक्त ट्रैफिक सिग्नल का समय कम किया गया है ताकि चालकों को धूप में न रुकना पड़े। |
दिल्ली
सार्वजनिक स्थानों और बस स्टॉप पर 'मिस्ट कूलिंग सिस्टम' (फव्वारे) और जल सेवा की व्यवस्था। |
मध्य प्रदेश
कई जिलों में मनरेगा कार्य का समय सुबह 6 बजे से 11 बजे तक किया गया है और पार्कों में पक्षियों व जानवरों के लिए पानी के इंतजाम बढ़ाए गए हैं। |
उत्तर प्रदेश
नगर निगमों द्वारा मुख्य चौराहों पर 'ग्रीन नेट' (हरी जाली) लगाई जा रही है ताकि सिग्नल पर रुकने वालों को छाया मिल सके।

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