गरीबों के हक पर डाका : सिरसौद की उचित मूल्य दुकान पर राशन में कटौती का आरोप, 2 किलो कम अनाज देकर वसूले 10 रुपये
दो महीने बाद मिला राशन, ग्रामीणों में आक्रोश; जांच और कार्रवाई की मांग
करैरा। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम सिरसौद स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि महिला बहुउद्देशीय संस्था कलोथरा द्वारा संचालित दुकान के सेल्समैन सुमित लोधी हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दे रहे हैं तथा अतिरिक्त राशि की वसूली भी की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार कई राशन कार्डधारियों को दो महीने बाद राशन मिला, लेकिन उसमें भी 2 किलो गेहूं कम दिया गया। आरोप है कि प्रत्येक हितग्राही से 10 रुपये अतिरिक्त लिए गए। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा गरीब परिवारों के लिए भेजे जाने वाले राशन में कटौती कर उनके हक पर डाका डाला जा रहा है। जब हितग्राहियों ने कम राशन दिए जाने का विरोध किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
शासन के स्पष्ट निर्देश
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित मात्रा में मुफ्त अथवा रियायती दर पर गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। राशन वितरण के लिए ई-POS मशीन से आधार आधारित वितरण प्रणाली लागू की गई है, ताकि फर्जीवाड़ा और गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।
इसके अलावा राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण संबंधी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी शासन द्वारा दिए गए हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। बावजूद इसके सिरसौद की दुकान पर अनियमितताओं के आरोप प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ न हो।
इनका कहना है
“मुझे राशन की दुकान से 20 किलो गेहूं और 8 किलो चावल दिए गए, जिसमें 2 किलो गेहूं कम था और 10 रुपये भी लिए गए।”
— पुष्पेन्द्र लोधी, स्थानीय नागरिक
*रणजीत टाइम्स*शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव,

