आरएसएस @100: होसबाले बोले- 2047 तक आर्थिक और आध्यात्मिक शक्ति बनकर उभरेगा भारत
वॉशिंगटन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संगठन के मूल्यों को अपने अनोखे और अलग तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी को आरएसएस का सबसे अच्छा प्रतिनिधि बताया। अमेरिका में समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू के दौरान होसबाले ने कहा कि आरएसएस ने अगले 25 वर्षों के लिए सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता, नागरिक अनुशासन, पारिवारिक मूल्यों और सतत विकास जैसे पांच प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई सरकारी अभियानों के जरिए इन्हीं विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, भले ही वे अलग शब्दों का इस्तेमाल करते हों। उदाहरण देते हुए उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं का जिक्र किया। होसबाले ने यह भी कहा कि आरएसएस के विचार स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए पंच प्रण में भी दिखाई देते हैं। उनके अनुसार, ये सभी पहल संगठन की सोच से मेल खाती हैं। उन्होंने कहा कि 1980 में भाजपा के गठन के समय भी आरएसएस के साथ संबंध बनाए रखने की बात कही गई थी और यह जुड़ाव आज भी कायम है।
होसबाले ने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि वैश्विक मंच पर आध्यात्मिक नेतृत्व भी प्रदान करेगा। समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उन्होंने कहा कि संगठन का मानना है कि भारत धीरे-धीरे ऐसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है, जहांं वह अपनी आर्थिक शक्ति को अपनी सभ्यतागत मूल्यों के साथ जोड़कर दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है। होसबाले ने यह भी कहा कि आरएसएस का राष्ट्रीय जीवन के केंद्रीय मंच पर पहुंचना राजनीति, समाज और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह विकास राष्ट्रीय एकता और वैश्विक सद्भाव के व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है।
साभार अमर उजाला

