सहजयोग केन्द्र : आध्यात्मिक ज्ञान की निशुल्क कार्यशाला
हमारे जीवन में नियमित ध्यान धारणा की क्या जरूरत है, इसपर जरा सा विचार करें तो हमें स्वयं ही जवाब मिलेगा ईश्वर प्राप्ति के लिए या जीवन में शांति प्रस्थापित हो इसीलिए...सच है। आज आध्यात्मिक ज्ञान की बहुत ज्यादा आवश्यकता है साथ ही, यह भी सच है कि परमात्मा को जानने के जिज्ञासु बहुत कम हैं। धर्मस्थलों में दर्शनार्थ जाने वाले भक्तगणों की तादाद लगातार बढ़ रही है। परंतु अंतर्मन से ईश्वर के दर्शन के आकांक्षी अपेक्षाकृत बहुत कम है। वास्तव में, जो ईश्वर को अपने अंदर महसूस करना चाहते हैं वे साहसी हैं क्योंकि वे अपने अहंकार और क्रोध को परे रखकर ही यह आकांक्षा करते हैं। साथ ही सद्गुणों को अपने चरित्र का हिस्सा बनाने में भयभीत भी नहीं होते हैं। आज लोग यही समझते और मानते हैं कि सद्गुणों वाला व्यक्ति इस समाज में अथाह तकलीफ भोगता है। परंतु ईश्वर के साम्राज्य में प्रवेश करने के बाद भय नष्ट हो जाता है, यह हम अनुभव द्वारा ही जान सकते हैं।
सहज योग ध्यान एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से हम बहुत सहजता से ईश्वर से एकाकारिता प्रस्थापित कर लेते हैं। भारत में ही नहीं विदेशों में भी लोगों ने ध्यान योग्य के महत्व को समझा है। ईश्वर के अस्तित्व और शक्ति को वे स्वीकार करते हैं। यहाँ तक कि वैज्ञानिक भी यह मानते हैं कि एक अदृश्य शक्ति है जिससे यह ब्रम्हांड चलायमान है। वो यह समझते हैं कि कभी कभी जहां मानव के सारे प्रयास अर्थहीन हो जाते हैं, वहाँ ईश्वरीय चैतन्य से उस काम को पूर्ण किया जा सकता है। भले ही उन्हें इस चैतन्य की अनुभूति ना हुई हो लेकिन फिर भी अपनी सफलता का श्रेय उस अज्ञात शक्ति देने में वे नहीं हिचकिचाते हैं।
कई बार अपनी सफलता पर हम स्वयं हतप्रभ रह जाते हैं कि यह कैसे हुआ जिसके लिए सोचा भी नहीं था, और यही उस शक्ति का अस्तित्व है।
सहज योग ध्यान से हमें इस सत्यता का प्रमाण मिलता है। इस शक्ति को सहज योगी अपने ध्यान धारणा के दौरान अनुभव करते हैं। सहज योग सेंटर्स में प्रवेश करते ही हमें आध्यात्मिक युग में प्रवेश करने का बोध हमें होने लगता है। सहज योग सेंटर्स एक ही नियम से चलते हैं। पूरे संसार में सहज योग के जितने भी सेंटर्स हैं, हर जगह ध्यान करने की विधि एक ही है।
हमारे अंदर स्थित सुक्ष्म शरीर की तीनों नाडियों को संतुलित करने का ज्ञान जो सहज योग के माध्यम से पंच तत्वों को साक्षी रखकर किया जाता है, वह अद्भुत है। हम भूतकाल की वेदनाओं और भविष्य की चिंताओं को बडी़ सहजता से धरती और आकाश तत्व में विलिन कर पाते हैं।
सहज योग में प्रवेश हेतु दृढ़ इच्छाशक्ति की योग्यता चाहिए। यहाँ धन की आवश्यकता नहीं, प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं, बस इच्छाशक्ति के साथ हम इस ज्ञान को प्राप्त करने के अधिकारी हो जाते हैं।
सहज ज्ञान वृहद है। ध्यान सीखना आसान है। पर सूक्ष्मतम ज्ञान को आत्मसात करने हेतु सहज योग सेंटर्स से जुड़ना जरुरी है। छोटी से छोटी बातें भी गहन है। चक्रों का शरीर के संपूर्ण तंत्र प्रणाली पर नियंत्रण, चक्रों को संतुलित करने की विधि, और किस बीमारी के लिए किस चक्र पर ध्यान इत्यादि को सीखना ही आवश्यक है। सहज योग में पढाई तो नहीं करनी है परंतु सहज ज्ञान को समझना और आत्मसात करना है, जो कोई भी कर सकता है जिन्हें शब्द ज्ञान नहीं वो भी इसे समझ सकता है।
तो चलिये आध्यात्मिक विज्ञान को सीखते हैं प्रवेश लेते हैं। सहज योग निशुल्क भी है और आसान भी *सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 अथवा वेबसाइट www.sahajayoga.org.in से प्राप्त कर सकते हैं

