सहजयोग ध्यान मस्तिष्क को संतुलित तथा बलवान बनाता है

  • Share on :

सहज योग में हनुमान चालीसा पाठ से हम अपने भविष्य की नाड़ी यानि पिंगला नाड़ी को संतुलित करते हैं। हनुमान चालीसा की चौपाइयों में से एक चौपाई है “राम रसायन तुम्हारे पासा सदा रहो रघुपति के दासा”।  इस चौपाई में गोस्वामी तुलसीदास जी ने जिस बात पर‌ प्रमुख रूप से इशारा किया है वह है राम रसायन। विचार करने वाली बात यह है कि यह राम रसायन क्या है।  राम (Ram) का तात्पर्य हम संपूर्ण आत्माओं की आत्मा यानि कि परमात्मा है। वहीं रसायन का मतलब साधारण भाषा में द्रव्य (chemical) पदार्थ होता है। इन दोनों शब्दों पर गहराई से विचार करने पर यह बात सामने आती है कि हनुमान चालीसा में वर्णित इस चौपाई का हमारे मस्तिष्क से सीधा संबंध है। आत्मा का मूल स्थान मस्तिष्क की कोशिकाओं के अंदर बने ढांचों में होता है जिसे माइक्रोटयूबुल्स कहते हैं।
वैज्ञानिक भी इस बात को सिद्ध कर चुके हैं कि हमारे मस्तिष्क में कई प्रकार के रसायन बनते रहते हैं जब हम अच्छे विचारों से ओतप्रोत होते हैं तो उस समय हमारे मस्तिष्क से ऐसे द्रव्य प्रवाहित होते हैं जिनके असर से जीवन उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है, इसी के साथ-साथ हमारी बीमारियां तो दूर होती ही है साथ ही बाहर की परिस्थितियां भी अनुकूल हो जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो  हमारे शरीर में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो मस्तिष्क के खास हिस्सों में विशिष्ट ग्रंथियों से निर्मित होते हैं इन्हें न्यूरोट्रांसमीटर्स (neurotransmitters) कहते हैं। ये ऐसे रसायन हैं जो सोच-विचार के जरिए हमारे व्यवहार और आचरण को प्रभावित करते हैं। सहज योग ज्ञान‌‌ से हम जानते हैं कि श्री राम का स्थान हमारे आंतरिक सूक्ष्म शरीर के हृदय चक्र के दाहिनी ओर है और हनुमान  जी भी शरीर के दाहिनी ओर पिंगला‌ नाड़ी पर नीचे मूलाधार से ऊपर सहस्त्रार तक अपनी शक्ति संचालित करते रहते हैं। आत्मा का स्थान हृदय में व प्रकाश मस्तिष्क तक होता है। पिंगला नाड़ी हमारे भविष्य की नाड़ी है और जब राम का रसायन यानि ईश्वरीय चैतन्य हमारे शरीर में प्रवाहित होता रहता है तब हमारे जीवन की सभी योजनाओं को ईश्वर का आशीष प्राप्त होता है। सहज योग हमें ईश्वर से जुड़ने का मार्ग बताता है। सहजयोग ध्यान द्वारा अपने सूक्ष्म शरीर में चक्रों में उपस्थित शक्तियों का साक्षात् अनुभव संभव है। आइए सहज योग से जुड़कर अपने जीवन को निरोगी और स्वस्थ करें। 
सहज योग पूर्णता निशुल्क है। आत्मसाक्षात्कार  को प्राप्त करने हेतु अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 अथवा यूट्यूब चैनल लर्निंग सहजयोगा से प्राप्त कर सकते हैं।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper