अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चमका सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय का नाम, शोध पत्र को मिला तृतीय पुरस्कार
उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के लिए गौरव का विषय है कि विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं के शोध पत्र को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर तथा आईसीआईटीएस-आईएफ़ 2026 के संयुक्त तत्वावधान में 29 एवं 30 मई 2026 को आयोजित “सतत एवं समावेशी भविष्य हेतु बुद्धिमान प्रौद्योगिकियों पर प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन” में प्रस्तुत शोध पत्र “द डिजिटल पल्स : रोग पूर्वानुमान एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का रूपांतरण” को उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह शोध कार्य प्रो. डॉ. प्रवीण खिरवाडकर, कैना भोंसले एवं प्रो. धर्मेन्द्र मेहता द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से रोगों की पूर्व पहचान, स्वास्थ्य जोखिमों के पूर्वानुमान तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने की संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। शोध के निष्कर्ष भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सम्मेलन के निर्णायकों ने शोध की नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके संभावित योगदान को ध्यान में रखते हुए इसे तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया। इस उपलब्धि ने न केवल शोधकर्ताओं बल्कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की अनुसंधान परंपरा को भी गौरवान्वित किया है।
इस उपलब्धि पर शिक्षण एवं शोध जगत से जुड़े अनेक शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने प्रो. डॉ. प्रवीण खिरवाडकर एवं उनकी टीम को बधाई दी। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा, कुलानुशासक प्रो. डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा, फार्मेसी संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. कमलेश दशोरा, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने शोधकर्ताओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार आधारित अनुसंधान समाज एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे तथा भविष्य में जनकल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

