आत्मविश्वास केवल सफलता का साधन नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है- आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी
खेतिया। खरतगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी ने अपने सारगर्भित प्रवचन में कहा कि जीवन में सफलता का सबसे बड़ा आधार आत्मविश्वास है। मनुष्य का आत्मविश्वास ही उसे कठिनाइयों के बीच भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और वही उसे मंजिल तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करता है। परिस्थितियाँ समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन व्यक्ति की आंतरिक स्थिति, उसका धैर्य, विश्वास और संकल्प नहीं बदलना चाहिए। यदि मनुष्य अपनी स्थिति पर अडिग रहता है, तो सफलता निश्चित रूप से उसके साथ बनी रहती है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने खानदेश के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे खानदेश आते हैं, उन्हें यहाँ विशेष अपनापन महसूस होता है। यहाँ के लोगों का स्नेह, श्रद्धा और आत्मीय व्यवहार उनके हृदय को स्पर्श करता है। खानदेश की यह आत्मीयता उनके लिए सदैव स्मरणीय रहेगी और इसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
आचार्य श्री आज सुबह विहार करते खेतिया शहर पहुंचे।
खरतगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी के नगर आगमन पर पूरा शहर श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। आचार्यश्री के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। नगर के मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजजन, महिलाएं, युवक-युवतियां एवं बच्चे एकत्रित हुए। आचार्यश्री के नगर प्रवेश करते ही जयकारों और मंगल ध्वनियों से वातावरण गूंज उठा।
आचार्यश्री का स्वागत जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मंदिरजी की ओर बढ़ा। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयघोषों के साथ आगे बढ़ते रहे। मुख्य मार्ग से गुजरते समय लोगों ने घरों, प्रतिष्ठानों और मार्ग के किनारों से दर्शन कर अपने आपको धन्य माना।आचार्यश्री के दर्शन एवं प्रवचन लाभ लेने के लिए आसपास के अनेक नगरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्य मार्ग पर यातायात नियंत्रण के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त रखी गई। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा, जिससे आगमन यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। श्रद्धालुओं की आवाजाही और मार्ग संचालन में पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका दिखाई दी।
आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी
के प्रेरक वचनों को उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुना।आचार्यश्री आज ही दोपहर महारास्ट्र के अक्कलकुवा की ओर विहार कर गए जहाँ 9 मई को दीक्षा ग्रहण कार्यक्रम होना है,ज्ञात रहे कि खरतगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज साहब
का चातुर्मास हैदराबाद में होने जा रहा है जहाँ चतुर्मास हेतु आचार्य श्री का मंगल प्रवेश 26 जुलाई को होने जा रहाआचार्य श्री के आगमन पर ज्ञान वाटिका के बच्चों ने अपनी उतसाहित करने वाली प्रस्तुति दी
आचार्यश्री के आगमन से नगर का वातावरण पूर्णतः धर्ममय हो उठा। समाजजनों ने इसे नगर के लिए अत्यंत पुण्यदायी अवसर बताते हुए कहा कि ऐसे संतों का सान्निध्य केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देता, बल्कि समाज को सद्भाव, अनुशासन और नैतिकता की दिशा में भी प्रेरित करता है।इस अवसर पर नवकारसी व स्वामी वात्सल्य के मुख्य लाभार्थी गणेशमल रावतमल बाफना, श्रीमती सायरबाई मन्नालाल भंसाली ,जसराज इंद्रचंद भंसाली , श्रीपाल बनेचंद्र नाहर परिवारों द्वारा नवकारसी व स्वामीवत्सल्य का लाभ लिया गया,,जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ मूर्तिपूजक संघ की और से सभी का आभार व्यक्त किया गया
खेतिया से जितेन्द्र जोशी की रिपोर्ट

