16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन: मेटलाइफ स्टेडियम में अर्जेंटीना को दी मात, फेरान टोरेस ने दागा विजयी गोल
न्यू जर्सी. स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 जीत लिया. 19 जुलाई (रविवार) को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में स्पेन ने गत चैम्पियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया. निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 से बराबर था. ऐसे में मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां स्पेनिश टीम ने जीत हासिल की. 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट प्लेयर फेरान टोरेस ने स्पेन के लिए गोल दागा. टोरेस को एक अन्य सब्स्टीटयूट खिलाड़ी निको विलियम्स ने पास दिया, जिसपर वो गोल करने में कामयाब रहे.
स्पेन ने दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप जीता है. इससे पहले 2010 में ये टीम चैम्पियन बनी थी. वहीं अर्जेंटीना की टीम चौथी बार वर्ल्ड कप खिताब नहीं जीत सकी. अर्जेंटीना की टीम इटली और ब्राजील जैसा कारनामा नहीं कर पाई, जिसने बैक टू बैक टाइटल जीते थे. इटली ने 1934 और 1938 में खिताबी जीत हासिल की थी. जबकि ब्राजील की टीम ने 1958 और 1962 का संस्करण अपने नाम किया था. फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी का जादू बिल्कुल भी नहीं चला.
खिताबी मुकाबले तक पहुंचने का दोनों टीमों का सफर आसान नहीं रहा. स्पेन ने फ्रांस और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराया, जबकि अर्जेंटीना ने लगातार तीन नॉकआउट मुकाबलों में अतिरिक्त समय तक चले रोमांचक मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी.
मुकाबले का पहला हाफ टक्कर वाला रहा, जिसमें एक भी गोल नहीं हुआ. पहले हाफ में स्पेनिश टीम ने ज्यादा अटैकिंग खेल दिखाया. उसने दो मौके पर शॉट ऑन टारगेट रखा. दूसरी ओर अर्जेंटीना की ओर से एक भी शॉट नहीं लिया गया. पहले हाफ में बॉल पोजेशन भी 65 प्रतिशत स्पेनिश टीम के पक्ष में रहा. कप्तान लियोनेल मेसी को स्पेनिश खिलाड़ियों ने मार्क करके रखा और वो कुछ खास नहीं कर पाए. दूसरी ओर लैमिन यामाल भी कमाल कर नहीं कर सके. पहले हाफ में अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेट को येलो कार्ड मिला. हालांकि वो कुछ देर बार चोटिल हो गए और उन्हें सब्स्टीट्यूट कर दिया गया. लिसांड्रो मार्टिनेज की जगह निकोलस ओटामेंडी पिच पर उतरे.
दूसरे हाफ में स्पेनिश टीम का पूरी तरह दबदबा रहा और उसने 68 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखी. ये अलग बात रही कि उसने कोई गोल नहीं दागा. 8 मौके पर स्पेनिश टीम गोलपोस्ट पर सटीक निशाना लगाने में सफल रही, हालांकि इन सभी प्रहारों का गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने सफलतापूर्वक बचाव किया. अर्जेंटीना की टीम दूसरे हाफ में भी एक भी शॉट टारगेट पर नहीं रख सकी. दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब मैच में दूसरी बार येलो कार्ड पाने के चलते एंजो फर्नांडीज को मैदान छोड़ना पड़ा. बता दें कि यदि किसी खिलाड़ी को एक मैच में दूसरा येलो कार्ड मिलता है तो उसे तुरंत रेड कार्ड भी दिखा दिया जाता है.
साभार आज तक

