डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला इंदौर में संपन्न

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महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया उद्घाटन, घुमंतु समाज की शिल्पकला के संरक्षण पर दिया जोर
राजेश धाकड़ 
इंदौर।डीएनटी (DNT) डेवलपमेंट फाउंडेशन की मध्य प्रदेश इकाई की प्रथम प्रदेश कार्य समिति की बैठक एवं प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भाई पटनी की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के लगभग 45 जिलों से प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में संगठन विस्तार, घुमंतु समाज के उत्थान, शिक्षा, आध्यात्म और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विवेक सिन्हा तथा डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्याम नायक ने दीप प्रज्वलित कर किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि घुमंतु समाज अपनी पारंपरिक कला, शिल्पकला और अद्भुत कौशल के लिए जाना जाता है। इन दुर्लभ कलाओं को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार एवं समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे, जिससे यह सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भाई पटनी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा घुमंतु समाज के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज को "बलशाली, धनशाली और ज्ञानशाली" बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।

समापन सत्र में संत डॉ. नरसिंह दास महाराज ने संगठन में आध्यात्म और सनातन संस्कृति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने वनवासी समाज को संगठित कर असंभव कार्यों को संभव बनाया था। उसी प्रकार समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुप्त शक्तियों को पहचानकर भगवान हनुमान की तरह समाज सेवा और संगठन निर्माण में जुटना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नायक ने संगठन विस्तार की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करें तो अगले दो महीनों में संगठन 6,500 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार कर सकता है। उन्होंने संगठन के मूल मंत्र और कार्यपद्धति की भी जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान घुमंतु विभाग के अधिकारी सोनी जी ने शासकीय योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जबकि प्रोफेसर रमेश लोहार ने समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की अनिवार्यता पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही घुमंतु समाज के सामाजिक और आर्थिक उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम का संचालन महामंत्री उमराव सिंह बंजारा एवं प्रोफेसर रमेश लोहार ने संयुक्त रूप से किया। अंत में महामंत्री प्रकाश मानावत ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का विधिवत समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संगठन के पदाधिकारियों ने समाजहित में संगठन को मजबूत बनाने, शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा घुमंतु समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम की जानकारी जयसिंह नायक द्वारा दी गई।

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