कर्ज की किस्तों पर यथास्थिति: रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, 'न्यूट्रल' रुख बरकरार

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद और गति मजबूत बनी हुई है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद लिए गए इस फैसले ने बाजारों को स्थिरता और निरंतरता का स्पष्ट संकेत दिया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निरंतर संघर्षों ने व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण पर दबाव डाला है, जिससे अत्यधिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। इन वैश्विक परिस्थितियों और बाहरी दबावों के कारण नीति निर्माताओं के लिए अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने हेतु सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है।
वैश्विक अस्थिरताओं के इस दौर में, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, समिति ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर पर यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में वोटिंग की। इसलिए रेपो रेट बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ने अपना रुख न्यूट्रल रखा है। यह न्यूट्रल रुख दिखाता है कि रिजर्व बैंक बदलती परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में उचित कदम उठाने के लिए तैयार है।
साभार अमर उजाला

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