खनियाधाना में NEET परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अतुल जैन
खनियांधाना । देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर उपजे विवाद की आँच अब मध्य प्रदेश के खनियाधाना तक पहुँच गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए शुक्रवार को खनियाधाना में भी देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार तथा शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शुक्रवार को खनियाधाना के मुख्य बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हुए। छात्रों ने पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने हाथों में पोस्टर और बैनर ले रखे थे, जिन पर सरकार विरोधी नारे दर्ज थे।
इस दौरान छात्रों ने "इंकलाब जिंदाबाद" के नारों के साथ बस स्टैंड से तहसील प्रांगण तक एक आक्रोश मार्च निकाला। तहसील कार्यालय पहुंचकर छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। छात्रों के इस प्रदर्शन को देखते हुए खनियाधाना पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और सख्त नजर आया, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित बनी रहे।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवा संगठनों ने केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। छात्रों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें रखीं:
नैतिक जिम्मेदारी:- छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की।
पारदर्शिता:- परीक्षा प्रणाली में बार-बार आ रही तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग।
सख्त कार्रवाई: परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आधिकारिक बयान सामने आया है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार NEET परीक्षा और देश की संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए 100 प्रतिशत प्रतिबद्ध है।
साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों (विशेषकर कांग्रेस) पर तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल केवल अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने के लिए कर रहा है। छात्रों के आक्रोश और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह फूल-प्रूफ बनाने के लिए वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को पूरी तरह से CBT (कंप्यूटर आधारित टेस्ट - Computer Based Test) मोड में आयोजित किया जाएगा, जिससे पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

