प्राचार्य के समर्थन में लामबंद हुए शिक्षक, सैकड़ों ने थाने पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
जनशिक्षा केंद्र के शिक्षकों ने थाना प्रभारी कुसुम गोयल से निष्पक्ष जांच की मांग की, झूठे प्रकरण में फंसाने की आशंका जताई
बामौरकलां। शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बामौरकलां के प्राचार्य मुकेश कुमार शर्मा से जुड़े विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। प्राचार्य के समर्थन में जनशिक्षा केंद्र से जुड़े सैकड़ों शिक्षक एकजुट होकर बामौरकलां थाने पहुंचे और थाना प्रभारी कुसुम गोयल को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिक्षकों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि विद्यालय के खेल मैदान में बिजली के तार हटाने को लेकर प्राचार्य मुकेश कुमार शर्मा और बामौरकलां निवासी लक्ष्मी जाटव के बीच विवाद हुआ था। शिक्षकों का कहना है कि घटना के दौरान विद्यालय का स्टाफ तथा कुछ छात्र-छात्राएं मौके पर मौजूद थे, इसलिए पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से स्पष्ट की जा सकती है।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विवाद के बाद प्राचार्य एवं उनके परिवार को SC/ST एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। शिक्षकों ने पुलिस से आग्रह किया कि किसी भी शिकायत पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय पहले तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए।
(प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और साक्ष्यों की जांच की मांग)
शिक्षकों ने कहा कि घटना के समय मौजूद शिक्षक एवं विद्यार्थियों से पूछताछ की जाए तथा विद्यालय से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज और पंचनामा भी जांच में शामिल किए जाएं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक घटनाक्रम क्या था।
(थाना प्रभारी को सौंपा आवेदन)
सैकड़ों शिक्षकों की मौजूदगी में थाना प्रभारी कुसुम गोयल को आवेदन सौंपते हुए शिक्षकों ने प्राचार्य मुकेश कुमार शर्मा और उनके परिवार को किसी भी प्रकार के झूठे प्रकरण अथवा उत्पीड़न से बचाने की मांग की। साथ ही झूठी शिकायत पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष के खिलाफ दबाव बनाना नहीं, बल्कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच सुनिश्चित कराना है। वहीं, मामले में दूसरे पक्ष का कथन सामने आने और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

