खेतों की मेड़ पर पहुंचा कृषि विभाग, किसानों से हुआ सीधा संवाद
खेत-खेत पहुंचकर फसलों का लिया जायजा, उन्नत तकनीक के साथ संतुलित उर्वरक एवं दवाओं के उपयोग की दी सलाह
करैरा। खेती केवल बीज बोने और फसल काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौसम, मिट्टी, जल, पोषण और आधुनिक कृषि तकनीकों के संतुलित उपयोग से ही बेहतर उत्पादन संभव है। इसी उद्देश्य को लेकर करैरा कृषि विभाग अब कार्यालय की सीमाओं से बाहर निकलकर किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनसे सीधा संवाद कर रहा है।
इसी क्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फूल सिंह हिंडोरिया अपनी टीम के साथ ग्राम पंचायत जुझाई पहुंचे। उन्होंने किसानों के खेतों में पहुंचकर मौके पर खड़ी फसलों का जायजा लिया और किसानों से खेती-बाड़ी की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान मूंगफली, धान, उड़द सहित विभिन्न फसलों की स्थिति के संबंध में किसानों से जानकारी ली गई। किसानों ने खेती के दौरान सामने आ रही समस्याओं, फसल प्रबंधन तथा उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं कृषि अधिकारियों के सामने रखीं।
संतुलित उर्वरक और दवाओं के उपयोग पर जोर
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फूल सिंह हिंडोरिया ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित पोषक तत्व, समय पर खाद एवं वैज्ञानिक फसल प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसल की आवश्यकता और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखकर ही उर्वरकों का उपयोग किया जाए।
साथ ही खेतों में अनावश्यक रूप से कीटनाशक एवं अन्य कृषि दवाओं के प्रयोग से बचने, जरूरत के अनुसार ही दवाओं का इस्तेमाल करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने मिट्टी की उर्वरता और कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जैविक एवं देशी खाद के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया।
खेत की मेड़ पर बैठकर सुनी किसानों की समस्याएं
इस दौरान खास बात यह रही कि कृषि अधिकारी केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि किसानों के बीच खेत की मेड़ पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही आवश्यक कृषि संबंधी मार्गदर्शन दिया।
किसानों का कहना रहा कि यदि कृषि विभाग के अधिकारी इसी तरह गांव-गांव और खेत-खेत पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद करते रहें, तो खेती से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सकता है।
???? शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने किसानों से शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ी किसी भी समस्या, फसल रोग, कीट प्रकोप अथवा उर्वरक एवं दवाओं के उपयोग को लेकर किसान कृषि विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
खेत की मेड़ से किसान तक पहुंची कृषि सलाह—यह पहल कृषि विभाग और किसानों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ वैज्ञानिक एवं संतुलित खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई।
भारत न्यूज 24 / रणजीत टाइम्स न्यूज
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ
हेमंत भार्गव

