पॉकेट गवाह का खेल सहयोगितागंज थाने पर भी चल रहा है
भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता एवं समाजसेवी अभिषेक अग्रवाल ने बताया है कि मैंने अपनी गाड़ी शकील खान नामक व्यक्ति को 2 साल पूर्व चलने के लिए दी थी मैं इस विषय में संयोगितागंज थाने पर कई बार आवेदन दिया सीएम हेल्पलाइन करी परंतु ईस और ध्यान नहीं दिया गया डरा धमका कर मेरी सी एम हेल्पलाइन बंद करवा दी जाती है जब मैं सहयोगितागंज थाने पर रिपोर्ट लिखाने गया तो हेड साहब अशोक पाटीदार सब इंस्पेक्टर एमपी तिवारी द्वारा मेरे को धमकी दी गई कि तेरे को झूठे केस में फसा देंगे अगर संयोगितागंज थाने जांच की जाए तो बहुत सारे खुलासे से होने की संभावना है जैसे कि गवहा मैं एक ही व्यक्ति गवहा करवाई जाती है अगर संयोगितागंज थाने की जांच की जाएगी तो बहुत सारे खुला से होने की उम्मीद है अभिषेक अग्रवाल ने आगे बताया है कि टी आई केपी यादव द्वारा मेरे को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी दी गई कि तेरे को देख लूंगा मेरे को सहयोगितागंज थाने के टीआई से जान को खतरा है मैंने आज कमिश्नर संतोष सिंह जी को आवेदन देकर आया हूं कि संयोगितागंज थाने की जांच करवाई जाए।

