नंबर प्लेट में छिपा है विकसित भारत का लक्ष्य: CM मोहन यादव की नई इलेक्ट्रिक कार 'VB 2047' चर्चा में
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वच्छ ऊर्जा और ईंधन बचत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री के आधिकारिक काफिले में अब अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन को शामिल किया गया है। इसके साथ ही वे प्रदेश के उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने सरकारी उपयोग में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के लिए हाल ही में नई इलेक्ट्रिक एसयूवी उपलब्ध कराई गई है, जिसका उपयोग वे सरकारी कार्यक्रमों और आवागमन के दौरान करेंगे। यह वाहन एक बार चार्ज होने पर 500 किमी लंबी दूरी तय करने में सक्षम है, जिससे ईंधन की खपत में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री की नई कार को मिला पंजीयन नंबर MP02 "VB 2047" भी विशेष महत्व रखता है। वाहन के नंबर में शामिल "VB" को "विकसित भारत" की अवधारणा से जोड़ा जा रहा है, जबकि "2047" स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है। इस माध्यम से सरकार ने विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया है।
राज्य सरकार लगातार ऐसे उपायों पर जोर दे रही है, जिनसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़े। इलेक्ट्रिक वाहन को मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल करना इसी दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के काफिले में पहली बार इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया जा रहा है। इसे सरकारी व्यवस्था में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। महिंद्रा XEV 9e एक बार चार्ज होने पर 500 किमी से अधिक की दूरी तय कर सकती है। यह महिंद्रा की आधुनिक इलेक्ट्रिक कार है। इसमें सुरक्षा के आधुनिक फीचर्स के साथ ही 360 डिग्री कैमरा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि ईंधन की बचत, स्वदेशी विकल्पों को बढ़ावा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार देश के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल सरकारी तंत्र में हरित तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देगी, बल्कि आम लोगों को भी स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव दौरे के दौरान मितव्ययता का लगातार ध्यान रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इंदौर में एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। उससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। बता दें, पहले सीएम डॉ. यादव के काफिले में गाड़ियों की संख्या को भी घटाकर कम कर दिया गया है।
साभार अमर उजाला

