गुरु वही जो मालिक से मिलाए

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गुरु पूर्णिमा विशेष
 
प्रकाशित गुरु तत्व से निरामय आरोग्य की प्राप्ति होती है

गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर हम अपने सद्गुरु के श्री चरणों पर शत-शत नमन करते हैं। सहज योग एक सरल शुद्ध नैसर्गिक और शास्त्रीय ज्ञान पद्धति है जिसके माध्यम से हम अपने अंतरंग में स्थित गुरु तत्व को जान सकते हैं और इसे पाने के लिए, इसमें सदैव स्थित रहने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं। 
"गुरु के बिना, एक सुधारक शक्ति के बिना, परमात्मा के दैवी विधान पर चलना बहुत कठिन है, क्योंकि मानवीय चेतना और परमेश्वरी चेतना के बीच बहुत बड़ी दूरी है और केवल पूर्ण गुरु ही इस दूरी को पूर्णतया समाप्त कर सकता है। ऐसे गुरु को खोजना चाहिये जो आपको परमात्मा की बात बताये, जो आपकी आत्मा की पहचान कराये। गुरु की एक ही पहचान है, जो मालिक से मिलाये।"(प.पू.श्री माताजी, सितम्बर १९८१)
          सहजयोग विज्ञान के अनुसार गुरु तत्व नाभि चक्र के इर्द-गिर्द फैले हुए भवसागर में स्थित है जहां दस गुरुओं का स्थान है। आत्मसाक्षात्कार  प्राप्ति के बाद जब साधक  के पिंड में स्थित आदि कुंडलिनी मां भवसागर को लांघतीं है तब साधक गुरु तत्व की की ओर अग्रसर होता है ।  1988 में दिए गए अपने अमृत वचन में श्री माताजी कहतीं हैं, गुरु तत्व सर्वप्रथम आपको संतुलन प्रदान करता है इसके बाद यह तत्व आपको गुरुत्वाकर्षण प्रदान करता है, एक आत्म साक्षात्कारी व्यक्ति अपने गुरु तत्व के वजन और गरिमा से अनेक सत्य के साधकों को आकर्षित करता है गुरु तत्व की गरिमा प्राप्त योगी किसी भी प्रकार की भौतिकता, छिछोरापन, सत्ता, संपत्ति, प्रसिद्ध इन चीजों में लिप्त नहीं होता। श्री माताजी के अमृत कथनानुसार गुरु तत्व साधक को सृजनशील बनता है। उस  योगी साधक का प्लावित स्वाधिष्ठान चक्र  नए-नए साधकों का सृजन करने के लिए माध्यम बनने में उसकी मदद करता है। श्री माताजी के अमृत वचन अनुसार प्रत्येक सहज साधक आध्यात्मिक कार्य करता है और आत्म साक्षात्कार का यह अमृतमय दान देने के लिए माध्यम बनना उसके जीवन का परम लक्ष्य होता है।  श्री माताजी कहती हैं अगर आपकी आत्मा आपका शरीर स्वस्थ ना कर सकती हो तो इस आत्मा का क्या फायदा इसलिए अपना शरीर स्वस्थ निरामय रखने के लिए हमें अपना आत्म साक्षात्कार मांगना  होगा और इसकी प्राप्ति के बाद आपके भवसागर में स्थित दस गुरु आपका स्वास्थ्य संतुलित, निरामय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार आत्म साक्षात्कार प्राप्ति के बाद हमारा प्रकाशित गुरु तत्व हमें शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक स्वास्थ्य की अमूल्य संपदा प्रदान करता है।
सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800   अथवा www.sahajayoga.org.in  से प्राप्त कर सकते हैं।  सहज योग सदैव‌ निशुल्क है।

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