सरकारी शिक्षक भर्ती में फर्जी डीएड डिग्री गिरोह की जांच का दायरा बढ़ा, और शिकायतें मिलीं
भोपाल। सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के नाम पर हुआ डिग्री घोटाला अब बड़े नेटवर्क के रूप में सामने आ रहा है। एसटीएफ ने पता लगाया है कि फर्जी डीएड अंकसूचियां बनाकर उम्मीदवारों को शिक्षक की नौकरी दिलाने वाला संगठित गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है। वहीं, सत्यापन के नाम पर जारी की गई जांच रिपोर्ट भी फर्जी जारी की गई। अब एसटीएफ फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने वाले गिरोह, नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल समिति और सत्यापन रिपोर्ट जारी कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका खंगाल रही है। जांच टीम ने उन लोगों की पहचान पर खास ध्यान केंद्रित किया है, जिन्होंने दस्तावेजों को असली बताते हुए नौकरी की फाइलों को मंजूरी दिलवाई।
इस मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद बैतूल, शाजापुर, धार, गुना और अन्य जिलों से भी शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों को मिलाकर एसटीएफ अब अलग-अलग वर्षों की भर्ती फाइलों और सत्यापन दस्तावेजों की तुलना कर रही है। टीम का मानना है कि पूरे प्रदेश में इस नेटवर्क के जड़ें हो सकती हैं।
पहले चरण में 34 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इनमें से सात ग्वालियर के थे। अब संकेत मिल रहे हैं कि जैसे-जैसे पुराने दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, आरोपियों की सूची और लंबी हो सकती है। एसपी एसटीएफ ग्वालियर राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि विभिन्न वर्षों के दस्तावेजों की जांच जारी है। नियुक्ति से लेकर सत्यापन तक जिस-जिस की भूमिका पाई जाएगी, वह जांच के दायरे में आएगा। दोषियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
साभार अमर उजाला

