बुरहानपुर के खकनार में फिर गरमाया 'नकली नोट' का मुद्दा: फसल बेचने आए किसान को थमाए 500 के नकली नोट
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले का खकनार क्षेत्र एक बार फिर नकली नोटों के चलन को लेकर सवालों के घेरे में है। प्रशासन की तमाम सख्ती के दावों के बावजूद, इलाके में नकली नोटों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में, एक गरीब किसान को अपनी फसल के बदले 500 रुपये के नकली नोट थमा दिए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला ?
धाबा गांव के निवासी किसान नत्थू ने अपनी मेहनत की कमाई—मक्का की फसल—खकनार के व्यापारी गणेश मालवीय को बेची थी। आरोप है कि फसल के भुगतान के रूप में व्यापारी गणेश मालवीय ने किसान को जो नोट दिए, उनमें से एक नोट नकली था
किसान जब बाजार में दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने पहुंचा, तो दुकानदारों ने नोटों की पहचान नकली के रूप में की। सच्चाई पता चलते ही किसान के होश उड़ गए। वह तुरंत अपने साथियों के साथ वापस व्यापारी गणेश मालवीय के पास पहुंचा और उनसे जवाब मांगा।
व्यापारी का अजीब तर्क
हैरानी की बात यह है कि जब किसान ने व्यापारी से नकली नोटों के बारे में बात की, तो व्यापारी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। व्यापारी ने यह मानने से साफ इनकार कर दिया साथ ही, उसने यह अजीब तर्क दिया कि "ये नोट तो व्यापार के दौरान किसी और ने मुझे दिए होंगे, मुझे इनकी जानकारी नहीं है।"
क्या प्रशासन की सख्ती केवल कागजों तक सीमित ?
यह पहली बार नहीं है जब खकनार में नकली नोटों का मामला सामने आया है। कुछ महीने पहले ही देवास पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें खकनार क्षेत्र के आस पास कुछ लोगों की संलिप्तता पाई गई थी। बावजूद इसके, स्थानीय स्तर पर ऐसे मामलों का बार-बार सामने आना यह दर्शाता है कि क्षेत्र में नकली नोटों का नेटवर्क अभी भी पूरी तरह सक्रिय है और माफियाओं को कानून का कोई खौफ नहीं है।
जांच में जुटी खकनार पुलिस
फिलहाल, इस घटना के बाद खकनार पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस बार इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंच पाएगी और मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेज पाएगी? या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

