शादी समारोह में आए युवक की हत्या का 24 घंटे में खुलासा
खेत पर शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद बना मौत की वजह, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
अतुल जैन
खनियाधाना । खजरा गांव में शादी समारोह में शामिल होने आए एक युवक की हत्या के मामले में खनियाधाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें उपजेल पिछोर भेज दिया गया।
(शादी में शामिल होने आया था युवक)
पुलिस के अनुसार शिवपुरी निवासी सुशील उर्फ सिम्पल उपाध्याय 21 जून को अपने साथी देवा आदिवासी और केशराम उर्फ छोटू गुर्जर के साथ ग्राम खजरा में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। शादी कार्यक्रम के दौरान तीनों युवक गांव के बाहर खेत पर बैठकर शराब पार्टी करने चले गए थे।
(शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद)
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि सुशील उर्फ सिम्पल की हत्या कर दी गई। अगले दिन उसका शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
(भाई की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ हत्या का मामला)
मृतक के भाई कपिल उपाध्याय निवासी निचला बाजार, जैन मंदिर गली, शिवपुरी ने 22 जून को थाना खनियाधाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसके भाई के साथ गए दोनों साथियों पर हत्या का संदेह है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 222/2026 के तहत धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
(मुखबिर की सूचना पर अछरौनी से दबोचे गए आरोपी)
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले तथा एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी ग्राम अछरौनी के रमपुरा क्षेत्र में मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशराम उर्फ छोटू गुर्जर (28 वर्ष) निवासी सेमरी तेंदुआ तथा देवा आदिवासी (32 वर्ष) निवासी सहरिया मोहल्ला, शिवपुरी के रूप में हुई।
(न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल)
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। बुधवार को उन्हें न्यायालय खनियाधाना में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद दोनों को उपजेल पिछोर भेज दिया गया।
(इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका)
हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक केदार सिंह यादव, उपनिरीक्षक छाया राय, सहायक उपनिरीक्षक रामसिंह भिलाला, हजारीलाल जाटव, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र सिंह पाल सहित आरक्षक अनूप कुमार, हेमसिंह गुर्जर, योगेन्द्र सिंह, रवि बाथम, उमेश लोधी, दीपक किरार, अरविन्द्र सिंह कौरव, विकास चौधरी एवं चालक मोहित शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

