कॉलर टैग और दांत के DNA से खुला अंधे कत्ल का राज, बहोरीबंद पुलिस ने तीन आरोपियों गिरफ्तार किया
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
कटनी । बहोरीबंद थाना क्षेत्र में महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) को सिद्ध बाबा रोड के पास बांस की झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का अधजला और सड़ा-गला शव मिला था। किसी अज्ञात आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को जलाकर फेंक दिया था। बहोरीबंद पुलिस ने उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और कड़े परिश्रम से इस सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाया।
पुलिस की भूमिका एवं जांच के मुख्य बिंदु
पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अति. पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य व एसडीओपी श्रीमती आकांक्षी चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना पुलिस ने सफलता हासिल की:
कॉलर टैग से मिली पहली सफलता:
शव के कपड़ों की कॉलर पर RS टेलर्स मझौली का टैग लगा था। 5 साल पहले बंद हो चुकी इस दुकान का पता लगाकर पुलिस पड़वार और आसपास के गांवों तक पहुंची।
दांत से DNA का अचूक मिलान: परिजनों की शंका पर पुलिस ने संदिग्ध पिता गोपाल बर्मन का ब्लड सैंपल लिया। मृतक के दांत से प्राप्त डीएनए का गोपाल बर्मन के डीएनए से जैविक मिलान कराया गया, जिससे यह पूर्णतः सिद्ध हुआ कि मृतक गोपाल बर्मन का ही बेटा दुर्गा बर्मन है।
जंगल में सर्च ऑपरेशन: पहचान के बाद पुलिस ने कोल्हई देव के जंगल से अधजले कपड़े, रेडियो के सेल और गुलेल बरामद किए।
तकनीकी साक्ष्य व मुखबिर तंत्र: साइबर सेल की मदद से शिकार करने वाले गिरोह को चिह्नित कर आरोपियों को दबोचा गया।
घटना का संक्षेप एवं गिरफ्तारी
आरोपियों (धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू, धर्मेंद्र उर्फ धम्मू और सुखदेव) ने जंगल में जानवर मारने के लिए करंट फैलाया था, जिसकी चपेट में आकर दुर्गा बर्मन की मौत हो गई और वह जल गया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को मोटरसाइकिल पर ले जाकर सिद्ध बाबा के पास फेंक दिया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
महत्वपूर्ण भूमिका में
थाना प्रभारी बहोरीबंद निरीक्षक विजय कुमार विश्वकर्मा, निरीक्षक शैलेन्द्र यादव (पुलिस लाईन कटनी), टी.आई. अखिलेश दाहिया, बहोरीबंद पुलिस स्टाफ एवं साइबर सेल से आरक्षक सतेन्द्र की इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में विशेष भूमिका रही।

