कौशल का उद्देश्य हो मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण – जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान
विश्व युवा कौशल दिवस और राष्ट्रीय दान दिवस के अवसर पर 100 दिनों तक नि:शुल्क पेयजल सेवा संचालित करने पर वैश्य समाज का हुआ सम्मान
देपालपुर - विश्व युवा कौशल दिवस एवं राष्ट्रीय दान दिवस के अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में तहसील विधिक सेवा समिति, देपालपुर के तत्वावधान में विश्व जल संरक्षण दिवस से नशा उन्मूलन दिवस तक लगातार 100 दिनों तक निःशुल्क शीतल आर.ओ. पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैश्य समाज महासम्मेलन का सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में समिति के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि कौशल तभी सार्थक है, जब वह मानवता की सेवा, समाज के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में समर्पित हो। उन्होंने कहा कि प्यासे को शीतल जल उपलब्ध कराना करुणामयी जीवन और भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च मानवीय मूल्यों का सम्मान है।
अपने प्रेरक उद्बोधन में जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा कि सेवा, संवेदना और समर्पण ही किसी भी समाज की वास्तविक पहचान होते हैं। उन्होंने वैश्य समाज महासम्मेलन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए अपने प्रेरक दोहों के माध्यम से इसे जनसेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोककल्याण का अनुकरणीय अभियान बताया। उन्होंने कहा कि बिना किसी अपेक्षा के किया गया परोपकार ही सच्चा दान है।
जिला न्यायाधीश श्री खान ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने कौशल को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, सामाजिक सद्भाव और जनसेवा जैसे रचनात्मक अभियानों से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने अपने सेवा अभियान से यह साबित कर दिया है कि संगठित समाज यदि जनहित का संकल्प ले, तो वह अनगिनत लोगों के जीवन में राहत, विश्वास और प्रेरणा का संचार कर सकता है। ऐसी पहल केवल समाज की ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की भी अमूल्य धरोहर हैं।
उक्त अवसर पर वैश्य समाज जल वितरण व्यवस्था समिति के मनोज अग्रवाल युवा जिला प्रभारी, राज जैन तहसील अध्यक्ष, प्रवीण जैन नगर अध्यक्ष, जेपी नागर, पीयूष विजयवर्गी, सौरभ छाबड़ा,पवन विजयवर्गीय, हेमंत नागर, मनोज सरकार, सतीश मंडोवरा, कल्लू जैन, शिवम सोनी, प्रयास जैन, नमन जैन, धर्मेंद्र, रिनी मोदी, अंकुश जैन सहित वरिष्ठ अधिवक्ता बी.आर.पटेल, दिलीप वर्मा, सुधांशु सोलंकी कृष्णा जाधव,विश्वजीत यादव,निलेश सोलंकी, नायब नाजिर दिलीप यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन स्टाफ उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं समाजसेवियों ने भी इस 100 दिवसीय जनसेवा अभियान की सराहना करते हुए इसे मानवता, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बताया।

