शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद धरना प्रदर्शन हुआ समाप्त
भिण्ड। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भिण्ड में पिछले तीन दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। यह आंदोलन वीरांगना अवंतीबाई लोधी प्रतिमा, लहार चुंगी पर जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भीम आर्मी के चंबल संभाग संयोजक देशराज धारिया के नेतृत्व में चल रहा था। देशराज धारिया ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ज्ञापन सौंपकर फिलहाल आंदोलन समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। भीम आर्मी के विनय कनेरिया ने कहा कि आंदोलन को केवल अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन फिर से आंदोलन करेगा। सोशल एक्टिविस्ट इंजीनियर वीरू धनोलिया ने कहा कि यह छात्रों की पहली जीत है। उन्होंने मांग की कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए प्रभावी एवं सख्त कानून लागू किया जाए।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष सौरभ जाटव ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए केंद्र सरकार भी जिम्मेदार है और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। भीम आर्मी आईटी सेल ग्वालियर संभाग प्रभारी नेहा पहारिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्राओं के साथ कथित बदसलूकी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित छात्राओं को न्याय मिल सके। आंदोलन में नरेंद्र, बी.पी., हरिओम जाटव, कामिनी, काजल, अभिराज, नीरज नरवरिया सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं छात्र उपस्थित रहे।

