भारत को लेकर अमेरिका के नरम रुख की असली वजह आई सामने, जामनगर रिफाइनरी को लेकर बने रहे बड़े कूटनीतिक समीकरण
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से भारत को लेकर अमेरिका के रुख में नरमी के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 100 फीसदी टैरिफ की योजना टाल दी है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो साल में दूसरी बार भारत दौरे पर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका की इस नरमी के पीछे वजह क्या है? ट्रंप और रुबियो के प्लान के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी इसकी बड़ी वजह है।
दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी भारत के गुजरात राज्य के जामनगर में स्थित जामनगर रिफाइनरी है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता बढ़ाने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने भारत को तेल शोधन के क्षेत्र में बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि वॉशिंगटन भारत की ऊर्जा जरूरतों और तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने की उसकी इच्छा को समझता है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले भी वेनेजुएला में काम कर चुकी है। कंपनी के पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। ऐसे में वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ने पर रिलायंस उस देश के अधिक तेल के प्रसंस्करण में भूमिका निभा सकती है।
रुबियो के मुताबिक, इस मुद्दे पर बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस के पास पहले वेनेजुएला में तेल से जुड़े अधिकार थे और कंपनी वहां के कच्चे तेल को रिफाइन भी कर चुकी है।
रुबियो ने भारत के ऊर्जा आयात को लेकर भी अहम बात कही। रूस से तेल खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा जताई है। उन्होंने इसे एक व्यावहारिक रणनीति बताया।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

