लघु वेतन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर कोसौंपा ज्ञापन
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर कुशवाहा
कटनी। लघु वेतन कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों और विभागीय विसंगतियों को लेकर सोमवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी और स्थायी कर्मियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने शासन की नीतियों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के निराकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
अनुसूचित जाति/जनजाति कार्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों में कार्यरत स्थायी कर्मियों को सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार नियमित करने और उन्हें 7वें वेतनमान का लाभ देने की मांग की गई है।
विभाग में कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर वेतन देने की बात कही गई है।
स्थायी कर्मियों ने ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए इससे मुक्त रखने की मांग दोहराई है।
जिले के समस्त विभागों में वर्षों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जल्द से जल्द स्थायी कर्मी बनाए जाने की मांग की गई है।
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ये मांगें पूरी तरह न्यायोचित हैं और हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ी हैं। ज्ञापन सौंपते समय कर्मचारियों ने शासन से अनुरोध किया कि इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि वर्षों से अल्प मानदेय और अनिश्चितता के बीच काम कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक राहत मिल सके।
कर्मचारियों ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे आगामी समय में अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।

