मूलाधार चक्र के अधिष्ठाता श्री गणेश से आरंभ होती है सहजयोग की आध्यात्मिक यात्रा
पूरा भारत इस समय गणेशोत्सव के रंग में रंगा हुआ है। हर ओर गणपति बप्पा मोरया गुंजायमान है। ऐसे में श्री गणेश की हमारे भीतर सूक्ष्म रूप में उपस्थिति व महत्व को समझना आवश्यक है। श्री माताजी निर्मला देवी ने इसका विस्तृत वर्णन सहजयोग में किया है। सहज योग को श्री गणेश का आशीर्वाद इसीलिए कहते हैं कि श्री गणेश हमारे सूक्ष्म शरीर के सबसे नीचे वाले चक्र मूलाधार चक्र के अधिष्ठात देव हैं। मूलाधार चक्र रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में स्थित होता है, जो पृथ्वी तत्व से जुड़ा है। श्री गणेश अपनी और हम सब की माँ कुंडलिनी के रक्षक हैं। सहज योग की यात्रा श्री कुंडलिनी शक्ति के जागरण से होती है, और यह जागरण तब ही होता है जब हम शुद्ध इच्छा से श्री गणेश का ध्यान करते हैं। श्री गणेश मासूमियत पवित्रता, और विवेक के प्रतीक हैं, अत: हममें भी इन गुणों का आना जरूरी है, तभी श्री गणेश माँ कुंडलिनी को उपर की ओर उठने का ईशारा देते हैं और कुंडलिनी के जागृत होते ही हममें सहज योग प्रस्थापित हो जाता है।
कुंडलिनी के जागृत होते ही माँ कुंडलिनी की चुंबकीय शक्ति हमारे अवगुणों को अपने में समाहित कर हमें सद्गुणी बनाती है। मूलाधार चक्र को संतुलित करने के लिए साधक धरा तत्व पर बैठकर ध्यान करता है, तब हमारा मूलाधार चक्र पृथ्वी का स्पर्श करता है। साथ ही, सहज योग ध्यान पद्धति के अनुसार साधक अपने दोनों हाथ भी धरा पर रखकर ध्यान करता है, तब साधक की प्रार्थना पर उसके सारे अवगुण धरा तत्व में विलीन होने लगते हैं या यूँ कह सकते हैं कि धरती माँ साधक की नकारात्मकताओं को अपने गुरुत्वाकर्षण की शक्ति से अपने में खींच लेती है। इस प्रकार श्री गणेश के गुणों को प्राप्त करने में धरती माता मदद करती है।
सहज योग से साधक के अनावश्यक विचार और तनाव समाप्त होते हैं, जिससे मन शांत और स्थिर होता है। हाथों पर चैतन्य लहरी का अनुभव होता है, जिससे हमें अपने दोषों और सत्य का ज्ञान होता है। शरीर के सातों चक्र संतुलित होते हैं, जिससे रोगों, मानसिक समस्याओं और व्यसनों से मुक्ति मिलती है। व्यक्ति हर स्थिति को साक्षी भाव से देखकर जीवन का आनंद लेना सीखता है। नकारात्मक वृत्तियाँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं और करुणा, क्षमा व प्रेम का भाव जागृत होता है।
सहज योग पर और अधिक विस्तार से जानने के लिए और आत्म साक्षात्कार को प्राप्त करने हेतु अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800
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