छापा पड़ा, माल उड़ा, मालिक गायब... अब रिपोर्ट किसे पकड़ाएगी प्रशासन?

  • Share on :

करैरा/शिवपुरी। करैरा अनुविभाग अंतर्गत नया अमोला और टीला गांव में संचालित कथित अवैध पान मसाला एवं तंबाकू फैक्ट्री पर करीब 15 दिन पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा था। उस समय जिला खाद्य विभाग की टीम ने मौके से पान मसाला और तंबाकू के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे तथा पंचनामा बनाकर रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया था।
लेकिन अब 15 दिन बाद जब हमारे संवाददाता ने मौके का जायजा लिया तो दृश्य कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था। जहां कभी फैक्ट्री संचालित होने की बात कही जा रही थी, वहां अब न माल दिखाई दे रहा है और न ही मालिक का कोई अता-पता। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो फैक्ट्री नहीं, कोई जादुई तंबू था जो प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हवा में उड़ गया।
जनता पूछ रही है— रिपोर्ट आएगी तो जाएगी किसके नाम?
स्थानीय लोगों की जुबान पर इन दिनों एक ही सवाल है कि जिन दो स्थानों से नमूने लिए गए थे, उनकी जांच रिपोर्ट आखिर कब आएगी? और यदि रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई किस पर होगी?
क्योंकि मौके पर न माल मौजूद है, न मशीनें और न ही संचालक। ऐसे में ग्रामीण तंज कसते हुए पूछ रहे हैं कि क्या जांच रिपोर्ट सीधे खाली मैदान को थमाई जाएगी या फिर गायब मालिक को खोजने के लिए नई जांच समिति गठित होगी?
छापा था या सिर्फ फोटो सेशन?
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि प्रशासन ने जिस जोर-शोर से कार्रवाई की थी, उससे लगा था कि बड़ा खुलासा होने वाला है। लेकिन 15 दिन बाद स्थिति यह है कि पूरा मामला "जांच जारी है" की फाइलों में घूम रहा है, जबकि माल और मालिक दोनों मैदान छोड़ चुके हैं।
लोगों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट आने तक पूरा सामान और संबंधित लोग ही गायब हो जाएं तो फिर छापे का उद्देश्य क्या रह जाता है? क्या कार्रवाई सिर्फ पंचनामा तैयार करने तक सीमित थी या फिर किसी को समय देकर सुरक्षित निकास का रास्ता उपलब्ध कराया गया?
मैदान साफ, सवाल बरकरार
नया अमोला और टीला में आज स्थिति यह है कि जहां कभी पान मसाला और तंबाकू निर्माण की चर्चाएं थीं, वहां अब केवल खाली स्थान दिखाई देता है। लेकिन आम जनता के मन में सवालों का धुआं अभी भी उठ रहा है—
क्या जांच वास्तव में चल रही है?
क्या रिपोर्ट आने के बाद कोई ठोस कार्रवाई होगी?
या फिर यह मामला भी "रिपोर्ट आएगी, कार्रवाई होगी" के सरकारी गलियारों में ही घूमता रहेगा?
फिलहाल सच इतना ही है कि छापे के 15 दिन बाद माल भी नहीं है, मालिक भी नहीं है, लेकिन जांच अभी भी जारी बताई जा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन की रिपोर्ट पहले आती है या फिर जनता के सवालों का सब्र खत्म होता है।
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper