उज्जवला सखी कार्यक्रमों से महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, रोजगार और ऊर्जा जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा
प्रत्येक समूह को संगठित उद्यम बनाने जिला पंचायत के सभा कक्ष में हुआ विशेष प्रशिक्षण
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
कटनी । कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर और जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के संयुक्त प्रयासों और समन्वय से शुक्रवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में उज्ज्वला सखी योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण / बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी के प्रयासों के द्वारा संचालित बैठक में जिले के NRLM स्टाफ एवं उद्यम सखियों की सहभागिता रही। उज्जवला सखी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा (LPG) की पहुंच बढ़ाना, सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना, ग्राहक सेवाओं को सरल बनाना तथा महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना रहा। बैठक में महेंद्र एस. दलवी (टेरेटरी मैनेजर, भारत गैस भिटौनी, जबलपुर), रेनू वर्मा (जिला सेल्स अधिकारी), संजय जैन (भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर, स्लीमनाबाद), मनोज गर्ग (भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर, मुड़वारा) तथा अनुज वर्मा (भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर, बिलहरी) की खास मौजदूगी रही। विषय विशेषज्ञों ने उपस्थित प्रतिभागियों को उज्ज्वला सखी योजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला सखियाँ पात्र परिवारों को एलपीजी गैस सेवाओं से जोड़ने, नए गैस कनेक्शन, रिफिल को बढ़ावा देने, गैस सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने तथा भारत गैस की विभिन्न सेवाओं का प्रचार-प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। बैठक के दौरान योजना के अंतर्गत उज्ज्वला सखियों को उनके कार्य निष्पादन के आधार पर प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहन (इंसेंटिव) की जानकारी भी दी गई। साथ ही योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक हितग्राहियों तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित उद्यम सखियों की योजना से संबंधित जिज्ञासाओं का किया गया तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए योजना को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार के अवसरों के विस्तार तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

