कच्ची गली में घटिया डामरीकरण पर बवाल, मानकों को ताक पर रखकर हुआ सड़क निर्माण

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पार्षद शालिनी सोनी ने CMO को सौंपा शिकायती आवेदन
करैरा।नगर परिषद करैरा की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण गली मानी जाने वाली कच्ची गली में कराए गए डामरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड क्रमांक 03 की पार्षद शालिनी सोनी ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए नगर परिषद करैरा के सीएमओ गोपाल गुप्ता को लिखित आवेदन सौंपा है तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।पार्षद शालिनी सोनी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कच्ची गली में सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत 80 एमएम मोटाई के स्टीमेट के विपरीत किया जा रहा है। मौके पर डाली गई सड़क की मोटाई 50 एमएम से भी कम पाई गई है, जो स्पष्ट रूप से तकनीकी मापदंडों और शासन के निर्देशों का उल्लंघन है। इतना ही नहीं, उपयोग में लाई गई गिट्टी और डामर की गुणवत्ता भी बेहद निम्न स्तर की बताई गई है।
पार्षद का कहना है कि यह गली नगर की सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली गली है, जहां दिनभर आमजन, व्यापारी और वाहन आवागमन करते हैं। ऐसे में यदि सड़क निर्माण मजबूत और मानक के अनुरूप नहीं किया गया, तो कुछ ही समय में यह सड़क उखड़ जाएगी और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान स्थिति में ही डामरीकरण की परत कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे इसकी मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।शालिनी सोनी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में बिना किसी स्पष्ट पैमाने के कार्य किया गया है। कहीं डामर अधिक तो कहीं बेहद कम डाला गया है, जबकि गिट्टी का वितरण भी असमान है। स्थिति ऐसी है कि यह डामरीकरण केवल कागजों में “एक नंबर” दिखाया जाएगा, जबकि धरातल पर इसकी मजबूती “शून्य” नजर आ रही है। पार्षद ने इसे “आम के आम, गुठलियों के दाम” वाली स्थिति बताते हुए कहा कि डामरीकरण हुआ जरूर है, लेकिन गुणवत्ता पूरी तरह नदारद है।
उन्होंने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई है। पार्षद का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मांग की है कि सड़क निर्माण की तत्काल जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा मानक के अनुरूप दोबारा सड़क का निर्माण कराया जाए।
पार्षद शालिनी सोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक ले जाने से पीछे नहीं हटेंगी। उनका कहना है कि नगर परिषद में इस तरह के घटिया निर्माण कार्यों पर सख्ती जरूरी है, ताकि जनता के पैसों की लूट रोकी जा सके और नागरिकों को टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें।
दीपक परमार पत्रकार 

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