वंदे भारत एक्सप्रेस का सफल ट्रायल: नागदा-कोटा रूट पर 180 km/h की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की सबसे लग्जरी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ने कमाल कर दिखाया। नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर इस ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। आपको बता दें कि यह वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार है। फाइनल स्पीड सर्टिफिकेशन मिलने से पहले रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) द्वारा यह ट्रायल रन किया गया है। टेस्टिंग प्रोग्राम पूरा होने से पहले अभी भी कई जरूरी टेस्ट बाकी हैं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) में बनी वंदे भारत चेयर कार रेक का इस सेक्शन पर हाई-स्पीड टेक्निकल ट्रायल चल रहा है। ये ट्रायल यह देखने के लिए किए जा रहे हैं कि ट्रेन हाई स्पीड पर कैसा परफॉर्म करती है। इसमें इसकी राइडिंग क्वालिटी, स्टेबिलिटी और सुरक्षा से जुड़े पैरामीटर शामिल हैं। यह ट्रायल रेक में तय लोड और एयर स्प्रिंग्स में हवा भरकर किया गया है।
हाई-स्पीड टेस्टिंग प्रोग्राम में तीन बड़े टेस्ट शामिल होते हैं। ऑसिलेशन ट्रायल, कपलर फोर्स ट्रायल और इमरजेंसी ब्रेकिंग ट्रायल। लोडेड ऑसिलेशन टेस्ट पूरा होने के बाद रेक को अभी इन टेस्ट से भी गुजरना होगा। कपलर फोर्स टेस्ट के दौरान इंजीनियर एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग के समय कोचों के बीच बनने वाले लॉन्गिट्यूडिनल फोर्स की जांच करेंगे। कपलर पर लगने वाले खिंचाव और दबाव दोनों तरह के फोर्स का आकलन किया जाएगा।
इस रेक को पटरी पर आम यात्रियों के लिए उतारने से पहले 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर इमरजेंसी ब्रेकिंग टेस्ट भी किया जाएगा। इस टेस्ट में इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद इसकी ब्रेकिंग परफॉर्मेंस और रुकने की दूरी को मापा जाएगा। ट्रायल के दौरान रिकॉर्ड किए गए डेटा की जांच RDSO का टेस्टिंग डायरेक्टरेट करेगा।
फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाएगा जब तय टेस्ट पूरे हो जाएंगे और नतीजे जरूरी टेक्निकल पैरामीटर के हिसाब से संतोषजनक पाए जाएंगे। रेक में सीमेंस प्रोपल्शन सिस्टम और नोर ब्रेम्स ब्रेकिंग सिस्टम लगा है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

