वेनेजुएला भूकंप: मलबे में जिंदगी की तलाश के बीच फिर आए झटके, राहत कार्य रुका

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नई दिल्ली. वेनेजुएला में विनाशकारी दोहरे भूकंप के कुछ ही दिनों बाद एक बार फिर धरती कांप गई. 4.9 तीव्रता के नए भूकंप ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. इससे पहले आए दो शक्तिशाली भूकंपों में 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई शहरों में भारी तबाही मची थी. नए झटकों के बाद राहत और बचाव कार्यों के बीच लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
शुक्रवार दोपहर वेनेजुएला के उत्तरी तट के पास 4.9 तीव्रता का नया भूकंप आया, जिसके चलते राजधानी काराकास और माराके शहर की धरती हिल गई. इस अचानक आए संकट की वजह से लोग जान बचाने के लिए तुरंत सुरक्षित जगहों की ओर भागे. यही वजह है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे बचाव दल को भी अपनी सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन थोड़ी देर के लिए थामना पड़ा. लिहाजा, लगातार आ रहे इन झटकों ने राहत अभियान की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है.
यह नया झटका ठीक दो दिन बाद आया है. बुधवार शाम को वहां बैक-टू-बैक 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए थे. इन झटकों ने रिहायशी इमारतों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया. पूरे के पूरे इलाके मलबे के ढेर में तब्दील हो गए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा में अब तक कम से कम 920 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा 3,360 लोग जख्मी हैं. मलबे के नीचे अब भी 172 लोग दबे हुए हैं, जबकि 50,000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं.
बचाव दल, वॉलंटियर्स और स्थानीय लोग मिलकर समय रहते मलबे से जिंदगी बाहर निकालने की पूरी कोशिश में जुटे हैं. टूटी सड़कों, भारी मशीनों की कमी और विदेशी मदद पहुंचने में हो रही देरी की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हालत यह है कि मजबूर परिवार अपने हाथों से कंक्रीट और लोहे के सरियों को हटा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह अपने करीबियों को जिंदा बाहर निकाल सकें. ला गुएरा शहर के ह्यूगो शावेज हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के ढहने से कई लोग मलबे में दबे हैं, जिन्हें निकालने के लिए पीड़ित परिवार क्रेन और बड़ी मशीनों की मांग कर रहे हैं.
साभार आज तक

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