डॉक्टर की मांग पर अड़े ग्रामीण: मनपुरा PHC में भूख-हड़ताल का तीसरा दिन, जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं ली सुध
हेमंत भार्गव शिवपुरी जिला ब्यूरो रणजीत टाईम्स
मनपुरा। शिवपुरी जिले के मनपुरा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। करीब चार-पांच वर्षों से डॉक्टर की नियमित पदस्थापना नहीं होने से नाराज समाजसेवी युवाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 1 अक्टूबर से भूख-हड़ताल शुरू कर दी है।
भूख-हड़ताल पर बैठे दिनेश सगर का आज तीसरा दिन है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
24 घंटे डॉक्टर की व्यवस्था की मांग
आंदोलनकारियों का कहना है कि मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे चिकित्सक की व्यवस्था किए जाने की मांग को लेकर प्रशासन को पूर्व में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि मनपुरा PHC में नियमित चिकित्सक उपलब्ध हो तो मनपुरा सहित आसपास के गांवों के लोगों को सामान्य उपचार के लिए भी दूर-दराज के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था के कारण मरीजों और उनके परिजनों को समय और धन दोनों की परेशानी उठानी पड़ रही है।
आसपास के गांवों से मिल रहा समर्थन
भूख-हड़ताल को मनपुरा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
‘व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, ग्रामीणों के स्वास्थ्य की लड़ाई’
भूख-हड़ताल पर बैठे दिनेश सगर ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनपुरा PHC में चिकित्सक की स्थायी व्यवस्था होने तक वे अपने इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
अब देखना यह है कि लगातार तीसरे दिन जारी भूख-हड़ताल के बाद प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग का समाधान कब होता है।

