हर्सरा में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
अतुल जैन
बामौर कलां। मध्य प्रदेश के खनियाधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत हर्सरा चौराहा पर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस मामले में आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है।
(घटना का विवरण)
फरियादी भंवर सिंह (पुत्र जनका आदिवासी, निवासी ग्राम बिजरावन) के अनुसार, घटना 29 मई 2026 की है। वह अपने साले लालसिंह आदिवासी (28 वर्ष, निवासी ग्राम कसेरा) के साथ बजाज मोटरसाइकिल (क्रमांक MP33MV9658) से बामौरकलां की ओर जा रहे थे। शाम करीब 5 बजे जैसे ही वे हर्सरा में पावर हाउस के सामने पहुंचे, बामौरकलां निवासी देवांश गुप्ता द्वारा संचालित लोडिंग पिकअप (क्रमांक MP33GA2027) ने उनकी मोटरसाइकिल को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
(गंभीर चोटें और इलाज)
टक्कर इतनी भीषण थी कि भंवर सिंह और लालसिंह सड़क पर गिर गए। इस हादसे में भंवर सिंह को पीठ, कंधे और छाती में चोटें आईं, जबकि लालसिंह के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। घायल लालसिंह को पहले खनियाधाना अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में हालत गंभीर होने के कारण उसे ग्वालियर रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
(पुलिस पर सवाल और प्रदर्शन)
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में बरती गई लापरवाही और आरोपी को बचाने का प्रयास किया है। भंवर सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका दावा है कि पुलिस ने शिकायत को एनसीआर (NCR) के रूप में दर्ज किया, जबकि यह एक गंभीर दुर्घटना का मामला था।
( पुलिस का पक्ष)
इस मामले में पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामले में विधिवत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कानून अपना काम कर रहा है और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला एनसीआर नहीं, बल्कि एफआईआर के तहत ही दर्ज है और जो भी कानूनी दावा (क्लेम) है, वह न्यायालय में प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त होगा।
फिलहाल, पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। क्षेत्र में स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी रोष व्याप्त है।

