विकसित भारत-जी राम जी योजना से ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी

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न्यूनतम ग्रामीण मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित, भुगतान में देरी पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर 
कटनी  । ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जी राम जी अधिनियम लागू की गई है। इसके साथ ही पूर्व में संचालित मनरेगा व्यवस्था का स्थान नए कानून ने ले लिया है। इस कानून का उद्देश्य वर्ष 2047 तक ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, कुशल और आधुनिक बनाना है।

125 दिनों के वैधानिक रोजगार की गारंटी
 नए कानून के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के प्रत्येक वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैधानिक रोजगार की गारंटी दी गई है। केंद्र सरकार ने देशभर में न्यूनतम ग्रामीण मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की है, जिससे लाखों ग्रामीण श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी।

भुगतान में देरी पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान
जीरामजी कानून में मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में किया जाएगा तथा निर्धारित अवधि के बाद भुगतान में देरी होने पर क्षतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है। अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत राज्य सरकारों को बुवाई एवं कटाई जैसे कृषि के व्यस्त मौसम में अधिकतम 60 दिनों तक रोजगार कार्य स्थगित करने की अधिसूचना जारी करने का अधिकार दिया गया है। वहीं पात्र व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी किया गया है।

चार विषयगत स्‍तंभ पर आधारित योजना
जी राम जी योजना चार प्रमुख विषयगत स्‍तंभों पर आधारित है, जो गांव के समग्र और सतत विकास को सुनिश्चित करेंगे। इसके तहत कुल 318 कार्यों को शामिल किया गया है। जिनमें जल सुरक्षा के 107, ग्रामीण अवसंरचना के 90, आर्थिक संपत्ति से जुड़े 86 एवं आपदा न्‍यूनीकरण से जुड़े 35 कार्य है, जो सुरक्षित, समृद्ध और सतत ग्राम विकास की नींब मजबूत करेंगे।

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