इंदौर की विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में बढ़ावा देकर मेडिकल टूरिज्म एवं वैलनेस हब की दिशा में आगे बढ़ेंगे - संभागायुक्त डॉ. खाड़े
जो कुछ अन्य शहर नहीं दे पा रहें है उन सुविधाएं और व्यवस्थाएं पर भी फोकस किया जाएगा
मेडिकल टूरिज्म एवं वैलनेस हब बैठक में प्राप्त सुझावों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने मेडिकल और अलग-अलग विशेषज्ञता वाले प्रतिनिधियों से लिए सुझाव
आदित्य शर्मा
इंदौर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पांच विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने की योजना है। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए शुक्रवार को संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में मेडिकल विशेषज्ञता रखने वाले तथा अलग-अलग क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी से इस सम्बंध में सुझाव लिए गए। ताकि इस प्रस्तावित योजना को क्वालिटी ऑफ केयर एंड क्रेडिबिलिटी के साथ स्थापित किया जा सकें। बैठक के पश्चात संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि शासन को प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने से पहले इसके दीर्घ और लघु रूप में ठोस तैयारी की जाए। बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री हिमांशु प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म के चेयरमैन श्री हेमेन्द्र सिंह चौहान, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डी.के. शर्मा सहित विभिन्न अस्पतालों के प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
भारत मेडिकल क्षेत्र में ग्लोबली वैलनेस डेस्टिनेशन बनता जा रहा है
बैठक के पश्चात संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि भारत मेडिकल क्षेत्र में ग्लोबली वैलनेस डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। इसके लिए शासन की इस योजना को व्यवस्थित रूप से स्थापित करने के लिए जो व्यवस्थाएं या सुविधाएं अन्य शहर नही दे पा रहे है, उससे कुछ अलग देने के लिए हमें फोकस होना होगा। हमारे सबसे सकारात्मक पहलुओं के साथ ही इसमें कुछ और विशेषताएं शामिल करना होगी। बैठक में वर्तमान में संचालित अस्पतालों के विशेषज्ञता वाले पैकेजेस पर चर्चा की गई। वही अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स ने इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने के पूर्व आवश्यक तैयारियों के सम्बंध में अपने सुझावों के साथ आवश्यकताएं भी बताई। योजना के प्रथम चरण में अस्पतालों द्वारा किये जा रहे उपचारों और उनके पैकेज की सूची ली जाएगी, जिसके आधार पर अलग स्टेकहोल्डर्स इस दिशा में आगे बढ़ सकें। साथ ही एक पोर्टल बनाकर सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इनके लिए एसओपी भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा इंश्योरेंस पोर्टेबलिटी पर भी आवश्यक रूप से काम किया जाएगा। हैल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की दिशा में भी सुझाव आये है। इसमें होम्योपैथी के साथ ही आयुर्वेद का भी कॉम्बो सेटअप करने की दिशा में काम किया जायेगा।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में विशेष रीजनल मेडिकल हब बनाने की दिशा में कार्य किया जाना है। इस दृष्टि से प्रदेश में रीजनल मेडिकल हब के लिए उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर बेहतर जगह है। उन्होंने कहा कि इंदौर में एक ओर जहाँ उज्जैन का प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है तो दूसरी तरफ ओंकारेश्वर में पवित्र ज्योर्तिलिंग है। दोनों ही ज्योर्तिलिंग पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से दर्शनार्थी आते है। इंदौर में रीजनल मेडिकल हब के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर है। हवाई सेवाएं और रेलवे की भी बेहतर कनेक्टिविटी है। उन्होंने कहा कि इंदौर में स्वास्थ्य की आधुनिक और उन्नत सेवाएं है, यहाँ बड़े-बड़े ग्रुप के हॉस्पिटल है। एयर एम्बुलेंस की बेहतर सुविधा है। इंदौर में बडे़-बड़े होटल और आसपास पर्यटक केन्द्र है। उन्होंने कहा कि भारत मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स और वेलनेस इंडेक्स में अच्छी स्थिति में है। विशेष रीजनल हब बनने से स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होगी।

