उत्तर प्रदेश में मौसम ने बरपाया कहर: वज्रपात और हादसों में 23 की गई जान, अगले 3 दिन और भारी
लखनऊ। प्रदेश में सोमवार सुबह मौसम अचानक बदल गया, जिससे कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। कई जिलों में बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे खेतों में काम कर रहे किसान और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ जगहों पर तेज आंधी के कारण पेड़ और दीवारें गिरने से भी जान-माल का नुकसान हुआ। इसके चलते प्रदेश में कुल 23 लोगों की मौत हो गई। इनमें अवध के जिलों के भी सात लोग शामिल हैं। इस दौरान संभल में सर्वाधिक 130 मिमी बारिज दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 21 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
अवध के जिलों में सोमवार सुबह अचानक तेज आंधी और बारिश के दौरान हादसों में सात लोगों की जान चली गई। गोंडा में पेड़ गिरने, बिजली का तार टूटने और खराब मौसम में कार पलटने से चार लोगों ने अलग-अलग जगह दम तोड़ दिया। वहीं बलरामपुर में भी पेड़ गिरने से एक ई रिक्शा चालक की मौत हो गई। दूसरी ओर बहराइच और अंबेडकरनगर में बिजली गिरने से दो युवको की मौत हो गई।
बदले मौसम के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। संभल में सर्वाधिक 130 मिमी और कासगंज में 97 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बरेली में 54.6 मिमी, बाराबंकी में 53 मिमी, मुरादाबाद में 45 मिमी और गोरखपुर में 41.4 मिमी बारिश हुई।
सोमवार को बलरामपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में 80 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके असर से अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री तक गिर गया। तराई क्षेत्रों में ठंडक और सिहरन महसूस की गई।
बाराबंकी में 26.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 12.1 डिग्री कम रहा। शाहजहांपुर 27.8 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 21 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 30 जिलों में 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश में आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहेंगी। पांच से सात मई के बीच भी कई क्षेत्रों में तेज हवाएं और ओले गिरने की संभावना है।
साभार अमर उजाला

