आज की युवा पीढ़ी आत्महत्या के लिए क्यों हो रही विवश?
राजेश धाकड़
वर्तमान समय में आत्महत्या के मामले विशेष रूप से युवा पीढ़ी में बढ़ते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय बन चुके हैं। विशेष रूप से छात्र-छात्राओं के बीच यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां युवा भविष्य को लेकर दबाव महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माता-पिता और समाज की अपेक्षाएँ उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ती समस्या के पीछे सबसे प्रमुख कारण मानसिक दबाव और पारिवारिक मार्गदर्शन की कमी हो सकती है। कई बच्चों को अपनी पढ़ाई और करियर के बारे में सही दिशा-निर्देश नहीं मिल पाते, जिससे वे तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के मानसिक स्थिति को समझने की आवश्यकता है, ताकि वे उन्हें सही मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान कर सकें। साथ ही, शिक्षा संस्थानों को भी छात्रों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी मानसिक परेशानी का सामना करने पर उपयुक्त मदद प्राप्त कर सकें।
इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाना चाहिए , ताकि आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके और युवा पीढ़ी को एक बेहतर भविष्य की ओर मार्गदर्शन मिल सके।

