भिंड की बेटी के साथ दरिंदगी के विरोध में अजाक्स ने सौपा ज्ञापन
दिव्यानंद अर्गल
ग्वालियर। भिंड निवासी 15 वर्षीय अनुसूचित जाति वर्ग की नाबालिग बालिका के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर अजाक्स संगठन एवं अनुसूचित जाति-जनजाति समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) झांसी रोड अनिल राघव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने न केवल भिंड-ग्वालियर अंचल बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है तथा समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अजाक्स संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र सुनवाई कर फांसी की सजा दिलाई जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए व पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों पर बढ़ रही अत्याचार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान में निहित समता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार को इस मामले में गंभीरता से विचार करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय सचिव होतम मौर्य, संभागीय अध्यक्ष के.वी. दोहरे, संभागीय संरक्षक शांति प्रकाश राजोरिया, संभागीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण राजोरिया, जिला अध्यक्ष विजय कुमार पिपरौलिया, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एन.डी. मौर्य, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र जयंत, जिला सचिव राजेंद्र पक्षवार, डी.के. गांधी, होतम माथुर, रामोतार राजोरिया, कविलास उछवाल, ममता चोकोटिया, रामोतार मौर्य, करतार गोयल, राजेंद्र गौतम, मायाराम चौरसिया, विनोद दोहरे, दिनेश लोहिया, वीरेंद्र सौर्य (सचिव, अंबेडकर विचार समिति), वनवारी जाटव, वीरेंद्र सोनी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

