चीन के 'आर्टिफिशियल सन' प्रोजेक्ट में बड़ी सफलता, 582 टन वजनी सुपरमैग्नेट का परीक्षण रहा कामयाब
नई दिल्ली. चीन ने न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक में बड़ी सफलता हासिल की है. देश के वैज्ञानिकों ने 'आर्टिफिशियल सन' यानी कृत्रिम सूरज के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बनाया है. इसका सफल परीक्षण भी पूरा हो चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे फ्यूचर में फ्यूजन एनर्जी विकसित करने की दिशा में मदद मिलेगी.
'आर्टिफिशियल सन' एक ऐसी मशीन है जिसमें सूरज की तरह एनर्जी बनाने की कोशिश की जाती है. इसमें बहुत गर्म गैस यानी प्लाज्मा बनाई जाती है. उसे नियंत्रित करने की कोशिश होती है ताकि एनर्जी पैदा की जा सके. इसी तकनीक को न्यूक्लियर फ्यूजन कहा जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह तकनीक सफल होती है, तो फ्यूचर में इससे बड़ी मात्रा में साफ एनर्जी बनाई जा सकती है.
चीन ने इस मशीन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट तैयार किया है. इसका वजन 582 टन है. इसकी लंबाई 21 मीटर, चौड़ाई 12 मीटर और ऊंचाई 3.3 मीटर है.
इस मैग्नेट का काम मशीन के अंदर मौजूद बहुत गर्म प्लाज्मा को एक जगह बनाए रखना है, ताकि वह मशीन की दीवारों से न टकराए. अगर ऐसा होता है, तो ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया रुक सकती है.
यह मैग्नेट अंतरराष्ट्रीय फ्यूजन प्रोजेक्ट ITER में इस्तेमाल किए गए ऐसे ही मैग्नेट से करीब 1.3 गुना बड़ा है. इसमें तीन गुना ज्यादा एनर्जी जमा की जा सकती है. आगे चलकर ऐसे 16 मैग्नेट एक साथ लगाए जाएंगे.
साभार आज तक

