लोकतंत्र की अस्मिता बचाने को कांग्रेस का उपवास सत्याग्रह, करैरा में गूंजा विरोध का स्वर
करैरा। लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के संकल्प के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को करैरा तहसील कार्यालय परिसर में उपवास सत्याग्रह कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आघात है तथा इससे संविधान की भावना को ठेस पहुंची है।
इस विरोध कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और जनमत के सम्मान की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास रखा। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया में निहित है तथा किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और आगे भी जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा को अपना संकल्प बताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपवास सत्याग्रह में जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुरुषोत्तम रावत, ब्लॉक अध्यक्ष रूपेंद्र यादव, पूर्व जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानसिंह फौजी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष डी.सी. श्रीवास्तव, लाली बैदोरिया, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र भार्गव, राजेंद्र व्याघ्र, धर्मचंद जैन एडवोकेट, बलराम यादव सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने लोकतंत्र, संविधान और जनाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ, हेमंत भार्गव

