खकनार के बिजोरी में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 7 लाख का सीसी रोड: 6 महीने में ही उखड़ी गिट्टियां, लीपापोती की तैयारी में जिम्मेदार
ग्राम पंचायत बिजोरी का मामला: अधिकारियों की चौखट तक पहुंची शिकायतें, फिर भी बेखबर बना जिला प्रशासन
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले के खकनार ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिजोरी में विकास कार्यों के नाम पर शासकीय धनराशि के दुरुपयोग और अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बिजोरी में लगभग 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीसी रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए इस रोड की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि महज़ छः महीने के भीतर ही यह पूरी तरह से जर्जर और उखड़ने लगा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब बिजोरी में इस तरह का घटिया निर्माण हुआ हो। पंचायत में पूर्व में हुए कई अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, तो भ्रष्टाचार की एक बड़ी परत उधड़ सकती है।
अधिकारियों को संज्ञान, फिर भी कार्रवाई से गुरेज
रोड के पूरी तरह खराब हो जाने और ग्रामीणों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी के बावजूद ज़िम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों द्वारा पिछले कई महीनों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रोड को दुरुस्त करने या दोषियों पर कार्रवाई करने की ज़हमत नहीं उठाई गई।
मामले में जब पंचायत के सचिव दीपक अंबिकर से बात की गई, तो उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि "यदि रोड खराब बना है, तो इसमें केवल मेरी अकेले की ज़िम्मेदारी नहीं है।"
सचिव के इस बयान ने पंचायत के कामकाज के तरीके पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब रोड पूरी तरह से गुणवत्ताहीन था, तो उपयंत्री ने किस आधार पर इसका लाखों रुपये का मूल्यांकन पास कर दिया? इस पूरे मूल्यांकन प्रक्रिया की गहन जाँच होनी चाहिए।
पुराने भ्रष्टाचार को दबाने के लिए नई लीपापोती की तैयारी!
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बिजोरी में अब नए सीसी रोड निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बताया जा रहा है कि ट्यूबवेल से लेकर नदी की ओर जाने वाले इसी बदहाल और जर्जर रोड पर लीपापोती कर मामले को रफा-दफा करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि पुराने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार को छुपाया जा सके।
ग्राम पंचायत बिजोरी के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से माँग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए। 7 लाख रुपये की लागत से बने रोड के मूल्यांकन की तकनीकी जाँच कराई जाए और दोषी सरपंच, सचिव व उपयंत्री के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

