गुड़र गांव अग्निकांड में पांचवीं मौत, एक ही हादसे में पूरे परिवार का खात्मा

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एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार, 27 दिन बाद रोशनी परिहार ने तोड़ा दम
अतुल जैन 
खनियाधाना। खनियाधाना थाना क्षेत्र के गुड़र गांव में 17 जून को हुए भीषण विस्फोट और अग्निकांड में पांचवें व्यक्ति की मौत के साथ ही एक पूरा परिवार उजड़ गया। इलाज के दौरान गंभीर रूप से झुलसी रोशनी परिहार ने 13 जुलाई को ग्वालियर में अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार के साथ ही इस दर्दनाक हादसे में घायल सभी पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

पलभर में उजड़ गया घर  
17 जून की सुबह प्राण सिंह परिहार के घर रोज की तरह खाना बन रहा था। तभी अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि मकान की छत उड़ गई, दीवारें गिर गईं और पूरे घर में आग लग गई। देखते ही देखते घर मलबे में तब्दील हो गया और अंदर मौजूद लोग आग की चपेट में आ गए।

एक-एक कर गईं 5 जानें  
विस्फोट में सबसे पहले 4 वर्षीय जहान्वी की मौके पर ही मौत हो गई। अगले दिन 18 जून को इलाज के दौरान पड़ोसी अंकेश (11) पुत्र शिशुपाल आदिवासी ने दम तोड़ दिया। उसी दिन शाम को परिवार के मुखिया प्राण सिंह परिहार (30) की भी मौत हो गई। परिवार की उम्मीद 2 वर्षीय शिवा पर टिकी थी, लेकिन वह भी 23 जून को जिंदगी की जंग हार गया।
घर की आखिरी सदस्य रोशनी परिहार 27 दिन तक ग्वालियर में जिंदगी और मौत से लड़ती रहीं। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 13 जुलाई को उनका निधन हो गया। 14 जुलाई को गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गांव में पसरा सन्नाटा  
एक ही हादसे में पांच मौतों ने पूरे गुड़र गांव को गमगीन कर दिया है। जिस घर में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा है। ग्रामीण आज भी उस भयावह मंजर को याद कर कांप उठते हैं।

विस्फोट का कारण अभी अज्ञात  
खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच एफएसएल टीम कर रही है। मौके से एकत्र साक्ष्य सागर स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह विस्फोट किस वजह से हुआ। 
इस हादसे ने एक परिवार को खत्म करने के साथ ही यह सवाल भी छोड़ दिया है कि आखिर वह कौन-सी वजह थी जिसने कुछ ही सेकंड में पांच जिंदगियां निगल लीं।

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