जयमाला के स्वरांजली आयोजन में आध्यात्मिक गुरु ओशमिन ने संगीत को ईश्वर से जुड़ने का माध्यम बताया !!
बेंगलौर के आध्यात्मिक गुरु ओशमिन जी इंदौर में स्वरांजली के आयोजन में श्रोताओं से रूबरू हुए, जयमाला और साथी कलाकारों की मेलोडियस प्रस्तुति के बीच ओशमिन जी ने संगीत के माध्यम से शांति कैसे प्राप्त करें इस पर चर्चा की, साजिंदो के साथ जुगलबंदी की, प्रत्येक साज की ध्वनि का महत्व बताया, संगीत का हम श्रवण करते है पर हमारा दिमाग कहीं और होता है, जब दिल और दिमाग एक जगह पर होते है वहां सृजन होता है, सृजन से हम अपनो का दिल जीत लेते है, संगीत के माध्यम से हम शांति स्थापित कर सकते है, हम साधना करते है पर हमारा मन कहीं और होता है, जब हमारी साधना के साथ मन होगा तब हम शांति और उत्साह प्राप्त कर सकते है, साधना से हम सृजन करते है सृजन से कला संस्कृति को प्राप्त करते है, संस्कृति से हम अपनो के करीब आते है, जहां संगीत होगा वहां शांति होगी जहां शांति होगी वहीं अध्यात्म होगा ! आज विश्व में आसमानों से बारूद बरस रही है, फिजाओं में जहर घुल चुका है पर भारत में शांति है आत्मीयता है क्योंकि यहां आध्यात्म है आध्यात्म में बहुत शक्ति है,
इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु ओशमिन जी ने सभी कलाकारों को आर्शीवाद दिया, इंटरनेशनल रिदम बैंड के साथ ओशमिन जी देश भर में आध्यात्म को जोड़ रहें है, शीघ्र ही इंदौर में उनका एक बड़ा आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है, भव्य स्टेज पर ओशमिन जी श्रोताओं से रूबरू होंगे, जिसकी तैयारी शुरू हो गई है !!

