भागवत कथा के दूसरे दिन साध्वी कृष्णानंद जी महाराज का प्रेरक संदेश

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नारी सम्मान के साथ संयम और मर्यादा का जीवन आवश्यक
जितेन्द्र वर्मा ब्यूरो रिपोर्ट 
महू। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ समिति महू द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी श्री भास्करानंद जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन–हरिद्वार) की शिष्या साध्वी कृष्णानंद जी महाराज ने कथा वाचन करते हुए समाज को जीवनोपयोगी, नैतिक एवं संस्कारपूर्ण संदेश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान होना चाहिए, किंतु नारी को भी स्वयं मर्यादा, संयम और संस्कारों को अपनाकर आदर्श जीवन जीना चाहिए।
 साध्वी जी ने प्रेरक उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक भाई दूसरे भाई से मुकुट उतारता है, वही महाभारत है और जब एक भाई स्वयं मुकुट उतारकर दूसरे को धारण कराता है, वही रामायण है। उन्होंने कहा कि मां धूप में तपती है और चूल्हे पर जलकर संतान का पालन करती है, इसलिए सच्चा पुत्र वही है जो अपनी वाणी पर संयम रखे और माता-पिता का सदैव सम्मान करे उन्होंने कहा कि भगवान को 56 भोग लगाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि घर की मां और सास भूखी न बैठी हों। जीभ को अमृत और विष दोनों का माध्यम बताते हुए साध्वी जी ने कहा कि इसी से मनुष्य मीठा भी बोलता है और कड़वा भी, इसलिए वाणी में संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इतना मीठा भी न बनें कि कोई आपको निगल जाए और इतना कड़वा भी नहीं कि लोग दूर हो जाएं। स्वाभिमानी बनें, अभिमानी नहीं। कथा के दौरान साध्वी जी ने कान भरने वालों से सावधान रहने की सीख देते हुए कहा कि शकुनी जैसे लोगों ने महाभारत करवा दी और मंथरा के कान भरने से भगवान राम को वनवास जाना पड़ा। इसलिए ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। कथा स्थल पर साध्वी कृष्णानंद जी महाराज के आगमन पर महिला अग्रवाल प्रकोष्ठ की राजकुमारी अग्रवाल, उमा गोयल एवं मंजू अग्रवाल के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
इन्होंने किया व्यास पीठ का पूजन 
व्यास पीठ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं महाआरती नितिन अग्रवाल, नवीन सैनी, अरविंद बागड़ी, राजेश बंसल, जितिन गोयल, हरि अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, विजय विजयवर्गीय, योगेश अग्रवाल, अनंत बियानी, अशोक गोयल, दिनेश सिवल, गोपाल अग्रवाल, अजय मित्तल, अंकुर मित्तल, भरत अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, अरुण मित्तल, योगेश ओमप्रकाश, दिनेश अग्रवाल, शिवशंकर अग्रवाल, सूरज प्रिंस, सुभाष अग्रवाल, रंजीता बंसल, सुरभि अग्रवाल सहित अनेक महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं द्वारा की गई। इस अवसर पर विभिन्न समाजों के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रीमद् भागवत कथा के प्रमुख परामर्शदाता प्रेमचंद मन्नालाल गोयल के मार्गदर्शन में आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं तथा वे समय-समय पर सभी का अभिवादन करते रहे।

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