भक्ति के सागर में डूबा करैरा: पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की दिव्य रथयात्रा, संतों के सान्निध्य में गूंजा "जय जगन्नाथ" का जयघोष
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव
करैरा। करैरा नगर ने गुरुवार को आध्यात्मिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा, जब पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य एवं दिव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति के अनुपम वैभव के साथ निकाली गई। बड़ा बाजार स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई यह पावन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालुओं के जनसैलाब ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।
सुसज्जित रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा के दिव्य विग्रहों के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं।
पूरा नगर "जय जगन्नाथ" के गगनभेदी उद्घोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक धुनों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया तथा रथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
रथयात्रा में करैरा नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धाभाव के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता निभाई। नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगा दिखाई दिया।
इस भव्य आयोजन की विशेष गरिमा तब और बढ़ गई जब अनेक पूज्य संत-महात्माओं की पावन उपस्थिति ने यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। विशेष रूप से धूमेश्वर धाम के पूज्य अद्भुत एवं विरले संत श्री श्री 1008 अनिरुद्ध वन जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। रथयात्रा में एक रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ विराजमान थे, जबकि दूसरे रथ पर पूज्य अनिरुद्ध वन जी महाराज भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए चल रहे थे। संत के दर्शन एवं सान्निध्य से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आनंद का वातावरण देखने को मिला।
नगर में पहली बार आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ की इस ऐतिहासिक रथयात्रा ने सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अनुपम संदेश दिया। आयोजन को सफल एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने में मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं एवं समस्त नगरवासियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। यह ऐतिहासिक आयोजन करैरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान में एक नई गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।--

