आजमगढ़ में बड़ा हत्याकांड: सिरफिरे ने पत्नी, बेटे और दो पुजारियों को गोली मारकर उतारा मौत के घाट; मुठभेड़ में आरोपी भी ढेर
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक शख्स ने अपने घर पर चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों में उसकी पत्नी, बेटा और दो पुजारी शामिल हैं। घर में कैद आरोपी भी मुठभेड़ में मारा गया, जिससे कुल पांच मौतें हुईं।
पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित छोड़ने के लिए मनाने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान पुलिस ने उसके परिवार के सदस्यों की भी मदद ली। लेकिन आरोपी ने पुलिस और अपने परिवार को गोली मारने की धमकी दी।
उसने बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच, उसने अपने ही बेटे को गोली मार दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी तुरंत कमरे में घुस गए। अंदर घुसते ही आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी को चेतावनी दी और हवा में भी गोली चलाई। इसके बावजूद, आरोपी लगातार फायरिंग करता रहा और आत्मसमर्पण नहीं किया। अपनी आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
इस घटना में आरोपी अरविंद और उसके बेटे दोनों की मौत हो गई। इससे पहले, उसने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की भी हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
आजमगढ़ के अहरौला थाना इलाके के शंभूपुर गांव में मंगलवार की देर शाम दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के उद्देश्य से कराई जा रही पूजा से नाराज अरविंद सिंह ने राइफल से गोलियां बरसाकर अपनी पत्नी बबिता सिंह (40), दो पुजारियों महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी बच्चों और परिवार को एक कमरे में बंद करके करीब 8 घंटे तक बैठा रहा। पुलिस बाहर से दरवाजा खुलवाने की अपील करती रही। लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला।
साभार अमर उजाला

