गोबर के दीये निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आजीविका के नए अवसर
जिले में 35 लाख गोबर के दीये बनाने का लक्ष्य, 10 मशीनें एवं 187 संसाधन साखा केंद्र उपलब्ध
धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
विदिशा। दीपावली पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, विदिशा द्वारा गोबर के दीये तैयार किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 35 लाख गोबर के दीये तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों को गोबर से आकर्षक एवं उपयोगी दीये तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीण समुदायों को अतिरिक्त आय का अवसर उपलब्ध होने के साथ-साथ दीपावली पर्व पर पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।जिले में गोबर के दीये बनाने के लिए 10 मशीनें उपलब्ध हैं। साथ ही 187 दीपक संसाधन साखा केंद्र उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से दीये निर्माण की गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 3 लाख 27 हजार 800 गोबर के दीये तैयार किए जा चुके हैं।जनपद पंचायतवार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार विदिशा में 5 लाख, कुरवाई में 5 लाख, नटेरन में 3 लाख, ग्यारसपुर में 5 लाख, बासौदा में 6 लाख, लटेरी में 6 लाख तथा सिरोंज में 5 लाख गोबर के दीये तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद पंचायत विदिशा में 1 मशीन एवं 24 संसाधन साखा केंद्र उपलब्ध हैं तथा अब तक 1 लाख 5 हजार दीये तैयार किए गए हैं। कुरवाई में 2 मशीनों और 36 केंद्रों के माध्यम से 80 हजार 800 दीये तैयार किए गए हैं। नटेरन में 3 मशीनें एवं 20 केंद्र उपलब्ध हैं और 25 हजार दीये तैयार किए जा चुके हैं। ग्यारसपुर में 19 केंद्रों के माध्यम से 36 हजार दीये तैयार हुए हैं। वहीं बासौदा में 3 मशीनें एवं 29 केंद्रों के माध्यम से 33 हजार, लटेरी में 1 मशीन एवं 35 केंद्रों के माध्यम से 32 हजार 500 तथा सिरोंज में 1 मशीन एवं 24 केंद्रों के माध्यम से 15 हजार 500 गोबर के दीये तैयार किए जा चुके हैं।गोबर के दीयों का निर्माण ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर महिलाओं को उत्पादन एवं विपणन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे ग्रामीण परिवारों को दीपावली के दौरान अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा और पारंपरिक मिट्टी के दीयों के साथ पर्यावरण अनुकूल गोबर के दीयों के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जिला पंचायत एवं मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जिले में गोबर के दीयों के निर्माण की गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के साथ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को आजीविका के अवसरों से जोड़ा जा सके।

