स्वयं को जानकर ही निर्भय जीवन जिया जा सकता है

  • Share on :

मनुष्य के जीवन में भय, चिंता और नकारात्मकता का सबसे बड़ा कारण अक्सर बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उसका अपना मन होता है। मन को नियंत्रित करना सबसे कठिन कार्यों में से एक है। यही मन कभी-कभी अच्छे से अच्छे व्यक्ति को भी गलत निर्णय लेने के लिए विवश कर देता है। भय की स्थिति में उठाया गया कदम व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप से दूर कर देता है। सत्य यह है कि जहाँ ईश्वर के प्रति विश्वास कम होता है, वहीं भय अपना स्थान बना लेता है। अक्सर जब जीवन में अचानक कोई कठिनाई, असफलता या व्यथा आती है, तो मनुष्य ईश्वर की ओर दौड़ता है। लेकिन यह दौड़ प्रायः समस्या से मुक्ति पाने के लिए होती है, ईश्वर को पाने के लिए नहीं। यदि हमारी खोज वास्तव में ईश्वर को पाने की हो, तो जीवन के व्यवधानों का सामना करने की शक्ति स्वयं हमारे भीतर जागृत होने लगती है।
    एक सच्चे भक्त को किसी से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उसे विश्वास होना चाहिए कि ईश्वर का हाथ सदैव उसके साथ है। यही विश्वास जीवन में शांति और निर्भयता लाता है। लेकिन प्रश्न यह है कि मन को वश में कैसे किया जाए? इसका उत्तर सहज योग में मिलता है ईश्वर को केवल मानना नहीं, बल्कि उन्हें अपने भीतर धारण करना और उनकी उपस्थिति का अनुभव करना।
    सहज योग आत्मसाक्षात्कार के माध्यम से व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप से परिचित कराता है। हमारे भीतर ही वह दिव्य शक्ति विद्यमान है, जिसे अनुभव करके हम स्वयं को आत्मा के रूप में पहचान सकते हैं। विभिन्न धर्मों में पूजे जाने वाले देवी-देवताओं के गुण भी हमारे भीतर विद्यमान हैं। आत्मसाक्षात्कार के बाद व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करता है और धीरे-धीरे भय, असुरक्षा तथा नकारात्मकता से ऊपर उठने लगता है।
परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने 7 मार्च 1981 के अपने प्रवचन में कहा है, “आपको बस खुद को स्वीकार करना होगा, बस इतना ही। सहज योग उतना ही सरल है।” उन्होंने आत्मसाक्षात्कार के बाद व्यक्ति के स्वयं अपना शिक्षक बनने की बात कही और स्मरण कराया कि हमें अपने प्रति दयालु होना चाहिए, क्योंकि हम स्वयं “आत्मा के मंदिर” हैं।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम ईश्वर को केवल बाहर न खोजें, बल्कि अपने भीतर उनकी उपस्थिति को जानें और अनुभव करें। स्वयं को जानना ही आत्मसाक्षात्कार है और सहज योग इस अनुभव का सरल माध्यम है।
सहजयोग के बारे में अधिक जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 270 0800  अथवा www.sahajayoga.org.in से प्राप्त कर सकते हैं सहज योग पूर्णतः निःशुल्क है।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper