संसद का 17वां दिन: छात्र प्रदर्शन और राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक, सरकार की बिल पास कराने की तैयारी

  • Share on :

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज 17वां दिन है और सत्र के सिर्फ दो तीन दिन बाकी हैं. कल दोनों सदन 11 बजे तक स्थगित हुए थे और आज फिर 11 बजे शुरू होंगे. सुबह हुई NDA की मंगल मिलन बैठक में प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेता मौजूद रहे और सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई. विपक्ष छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावे के मामले पर गृहमंत्री से जवाब मांग रहा है. कल हंगामे के बीच ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल और बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पास हुए. FCRA संशोधन, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बनी है, जिससे कई बिल अटकने की आशंका है.
संसद के मानसून सत्र का आज 17वां दिन है. सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त तक चलेगा. विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से कई दिन प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पाया और सदन बार बार स्थगित हुआ. सोमवार यानी 10 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही 11 बजे तक के लिए रोक दी गई थी. आज दोनों सदन सुबह 11 बजे फिर शुरू होंगे. सत्र के अब सिर्फ दो तीन दिन ही बचे हैं, इसलिए आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है.
सुबह NDA के सांसदों की साप्ताहिक मंगल मिलन बैठक हुई. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और बाकी NDA सांसद शामिल हुए. बैठक में सत्र के आखिरी दिनों की रणनीति, सदन को सही तरीके से चलाने और विपक्ष के विरोध से निपटने पर बात हुई. सांसदों से कहा गया कि वे एकजुट रहें और जरूरी बिल पास कराने में साथ दें.
दूसरी तरफ विपक्ष यानी INDIA गठबंधन के दल छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी या दुरुपयोग के मामले पर गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल लगातार नारेबाजी और विरोध कर रहे हैं. सोमवार को भी हंगामे के बीच ही लोकसभा में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल 2026 बिना किसी बहस के पास हो गया. वहीं राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 पास किया गया.
आज भी सदन में हंगामे के आसार बने हुए हैं. विपक्ष प्रश्नकाल में रुकावट डाल सकता है, जबकि सरकार कुछ जरूरी बिल पेश करने या पास कराने की कोशिश करेगी. कल केरल नाम परिवर्तन बिल, माइंस एंड मिनरल्स संशोधन बिल और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन संशोधन बिल लोकसभा में पेश हुए थे. FCRA संशोधन, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे बड़े मुद्दों पर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है.
सरकार का कहना है कि विपक्ष को पहले शांति से बात सुननी होगी, तभी जवाब दिया जाएगा. किरेन रिजिजू ने कल कहा था कि गृहमंत्री जवाब जरूर देंगे लेकिन शांतिपूर्ण माहौल में. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी बार बार विपक्ष से सदन ठीक से चलाने की अपील कर रहे हैं.
साभार आज तक

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper