रात के सन्नाटे में अमोला थाने पहुंचे पिछोर एसडीओपी, पुलिस की नींद उड़ाई

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12 CCTV चालू मिले, गश्त में ढिलाई पर फटकार: वारंट तामीली और अवैध धंधों पर कसे शिकंजे के निर्देश  
अतुल जैन 
पिछोर। "रात में पुलिस सोती है" वाली धारणा तोड़ने खुद पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा 08-09 जून की आधी रात थाना अमोला जा पहुंचे। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर चल रहे औचक निरीक्षण अभियान के तहत एसडीओपी ने थाने की व्यवस्थाओं से लेकर रात्रि गश्त तक का बारीकी से जायजा लिया।  
(रात 12 बजे खुले रजिस्टर, हवालात खाली मिली)  
अचानक पहुंचे एसडीओपी को रात्रि दफ्तर ड्यूटी पर आरक्षक कुलदीप मुस्तैद मिला, जबकि हवालात पूरी तरह खाली थी। उन्होंने थाने के महत्वपूर्ण रजिस्टर पलटे, लंबित मामलों पर टीप अंकित की और थाना प्रभारी को वारंट तामीली में तेजी लाने की दो टूक हिदायत दी। 
(CCTV से लेकर सफाई तक परखी, गश्त को लेकर सख्त) 
निरीक्षण में थाने के सभी 12 सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में मिले। एसडीओपी ने पूरे थाना परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई व्यवस्था देखी। इसके बाद रात्रि गश्त में लगे बल को तलब कर सख्त लहजे में कहा, "गश्त सिर्फ खानापूर्ति नहीं, अपराध रोकने का हथियार है। हर संदिग्ध वाहन और व्यक्ति की चैकिंग हो।" 
(अवैध कारोबारियों पर टेढ़ी नजर)  
एसडीओपी शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में शराब, जुआ-सट्टा व अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त एक भी व्यक्ति बख्शा न जाए। फरार वारंटियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। 
गौरतलब है कि एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर जिले में रात के समय वरिष्ठ अधिकारी लगातार थानों का औचक निरीक्षण कर पुलिसिंग को अलर्ट मोड पर रख रहे हैं।

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